________________
एक यक्ष और एक-एक यक्षिणी होते हैं, इस प्रकार उनकी कुल संख्या 24-24 होती है। इनके नामों के सम्बन्ध में कहीं-कहीं वैमत्य भी परिलक्षित होता है। आ. हेमचन्द्र-कृत अभिधानचिन्तामणि के अनुसार, इनका विवरण इस प्रकार है:तीर्थंकर
शासन-देव/यक्ष शासन-देवी/यक्षिणियां 1. ऋषभदेव
गोमुख चक्रेश्वरी 2. अजितनाथ महायक्ष अजितबला 3.सम्भवनाथ त्रिमुख
दुरितारि 4. अभिनन्दननाथ चतुरानन
कालिका 5. सुमतिनाथ तुम्बरु महाकाली 6. पद्मप्रभ. कुसुम श्यामा 7.सुपार्श्वनाथ
मातंग
शान्ता 8. चन्द्रप्रभ
विजय भृकुटि 9. सुविधिनाथ
जय
सुतारका 1. शीतलनाथ ब्रह्मा
अशोका 11.श्रेयांसनाथ किंनरेश मानवी 12. वासुपूज्य कुमार चण्डा 13. विमलनाथ षण्मुख विदिता 14. अनन्तनाथ पाताल अंकुश 15.धर्मनाथ
किंनर
कन्दर्पा 16. शान्तिनाथ
गरुड़ निर्वाणी 17.कुन्थुनाथ गन्धर्व बला 18.अरनाथ
यक्षेश धारिणी 19. मल्लिनाथ कुबेर धरणप्रिया 2. मुनि सुव्रत वरुण
नरदत्ता
जैन धर्म
कि धर्म की साpfit al. 102