________________ (110 ) (घ) 24 वें प्रश्नोत्तर के पांचों उदाहरण भी यहां प्रकरण संगत हैं। ऐसे अनेक उदाहरण दिये जा सकते हैं, सुज्ञ जनता इन उदाहरणों पर शान्त चित से विचार करेगी तो मालूम होगा कि-द्रव्य निक्षेप को भाव सदृश मानना वास्तव में बुद्धिमत्ता नहीं है। इस तरह रूत्य को समझ कर पाठक अपना कल्याण मार्ध यही निबेदन है। . PR CAMERA