________________ ( 239) 23 श्रीपृथ्वीचंद्रचरित्र-(पत्राकार श्लोकबद्ध '-श्रीसत्यराज गणि विरचित इस छोटे से चरित्र में बैराग्योद्बोधक वर्णन भच्छ। आता है / उपमा आदि अलंकारों से युक्त यह अन्य विद्यार्थिओं को अवलोकनीय है / न्यायविशारद न्यायतीर्थ उ० श्रीमंगल विजयजी महाराजने इसको एडिट किया ह / पत्राकार. मूल्य 2-0-0. 24 पर्वकथा संग्रह-ज्ञानपञ्चमी वगैरः धार्मिक पर्वो के विषय की 5 कथाएँ इसमें हैं। पत्राकार, पृष्ठ 30, मूल्य 0-6-0. . 25 उपदेशतरङ्गिणी-व्याख्यान के योग्य यह बहुत उप योगी है / भिन्न 2 विषय का समथन करने के लिये प्राचीन धार्मिक कथा-दृष्टान्तादि देकर श्रीरत्नमन्दिरगणिने इस ग्रन्थ को अच्छा उपयुक्त बनाया है / पत्राकार, पृष्ठ 280 मूल्य 3-0-0. 26 रत्नचूडकथा ( पत्राकार में )-श्रीज्ञानसागरसूरिजीने इसमें पद्यबद्ध रत्नचूड़ का चरित्र चित्रित किया है। पत्राकार, मूल्य 0-8-0. 27 भरटकद्वात्रिंशिका-जैनसाहित्यसेवी जर्मनी क प्रसिद्ध प्रो० हरटलने इस द्वात्रिंशिका को अंग्रेज़ी में एडिट करके लिपजिग (जरमनी) से अंग्रेजी नोटों सहित प्रकट की है। मूल्य 3-0-'.