________________ (238) शार्दूलविक्रीडितादि बड़े बड़े छंदो में लिखा गया है। श्रीहीरविजयसूरीश्वर के समय का इतिहास जाननेवालों को और काव्यज्ञों के लिये खास उपयोगी अन्य है / मूल्य रु. 0-4-0 20 गुरुगुणरत्नाकरकाव्य-श्रीरत्नशेखरसूरि के पट्टधर श्रीलक्ष्मीसागरसूरि के चरित्र विषय का यह काव्य श्री- . सोमचारित्रगणिने रचा है। काव्य के ढंग का यह ग्रन्थ होते हुए भी इतिहासज्ञों को भी उपयुक्त है / पृष्ठ 75, मूल्य 0-8-0 21 श्रीधर्ममहोदय-नवयुगप्रवर्तक शास्त्रविशारद जैनाचार्य श्रीविजयधर्मसूरीश्वरमहाराज का पवित्रजीवनचरित्रात्मक यह ग्रन्थ उन्हीं के शिष्यरत्न स्वर्गीय श्रीरत्नविजयनीम० का बनाया हुआ है। काव्यपद्धति का अनेक छंदों में निबद्ध सरस और सुन्दर इस ग्रन्थ को कौन न पढ़ेगा ? मूल्य 0-4-0 22 श्रीशालिभद्रचरित्र ( पद्यबद्ध सटिप्पण)--परमात्मा महा वीर के समय के ऐतिहासिक पात्र श्रीशालिभद्रजी का जीवनचरित्र इस काव्य का विषय है / पं० श्रीधर्मकुमारजीने अपनी प्रौढ भाषा और कल्पना से इसको बनाकर अपनी विद्वत्ता का परिचय दिया है। इसलिये कठिन स्थलों में हमने टिप्पण करवाकर पत्राकार में छपवाया है / पृ० 152, मूल्य रु.२-०-०