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________________ भगवती सूत्र-स. १७ उ. १ शरीर इन्द्रियां योग . २६०१ शरीर इन्द्रियाँ योग ११ प्रश्न-कइ णं भंते ! सरोरगा पण्णत्ता ? ११ उत्तर-गोयमा ! पंच सरीरगा पण्णत्ता, तं जहा-१ ओरा. लिए जाव कम्मए । १२ प्रश्न-कइ णं भंते ! इंदिया पण्णत्ता ? १२ उत्तर-गोयमा ! पंच इंदिया पण्णत्ता, तं जहा-१ सोइं. दिए जाव ५ फासिदिए। १३ प्रश्न-कइविहे णं भंते ! जोए पण्णते ? १३ उत्तर-गोयमा ! तिविहे जोए पण्णत्ते, तं जहा-मणजोए, वयजोए, कायजोए। भावार्थ-११ प्रश्न-हे भगवन् ! शरीर कितने कहे गये हैं ? ११ उत्तर-हे गौतम ! शरीर पांच कहे गये हैं। यथा-औदारिक यावत् कार्मण। १२ प्रश्न-हे भगवन ! इन्द्रियाँ कितनी कही गई हैं ? १२ उत्तर-हे गौतम ! इन्द्रियां पांच कही गई हैं। यथा-श्रोतेन्द्रिय यावत् स्पर्शनेन्द्रिय । १३ प्रश्न-हे भगवन् ! योग कितने प्रकार के कहे गये हैं ? १३ उत्तर-हे गौतम ! योग तीन प्रकार के कहे गये हैं । यथा-मनयोग, वचनयोग और काययोग । Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org
SR No.004090
Book TitleBhagvati Sutra Part 05
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGhevarchand Banthiya
PublisherAkhil Bharatiya Sudharm Jain Sanskruti Rakshak Sangh
Publication Year2006
Total Pages530
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_bhagwati
File Size9 MB
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