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________________ चउणवइं च सहस्सा सयं दिवडढं च गणियपयं । [२४९] जंबुद्दीवे णं भंते दीवे कइ वासा पन्नत्ता गोयमा सत्त वासा पन्नत्ता तं जहाभरहे हरवए हेमवए हेरण्णवए हरिवासे रम्मगवासे महाविदेहे जंबुद्दीवे णं भंते दीवे केवइया वासहरा पन्नत्ता केवइया मंदरा पव्वया केवइया चित्तकूडा विचित्तकूडा केविया जमगपव्वया केवइया कंचणगपव्वया केवइया वक्खारा केवइया दीहवेयड्ढा केवइया वट्टवेयड्ढा पन्नत्ता गोयमा जंबुद्दीवे दीवे छ वासहरपव्वया एगे मंदरे पव्वए एगे चित्तकूडे एगे विचित्तकूड़े दो जमगपव्वया दो कंचणगपव्वयसया वीसं वक्खारपव्वया चोत्तीसं दीहवेयड्ढा चत्तारि वट्टवेयड्ढा-एवामेव सपुव्वावरेणं जंबुद्दीवे दीवे दुण्णि अउणत्तरा पव्वयसया भवंतीतिवक्खारो-६ मक्खायं जंबुद्दीवे णं भंते दीवे केवइया वासहरकूडा केवइया वक्खारकूडा केवइया वेयड्ढकूडा केवइया मंदरकूडा पन्नत्ता गोयमा छप्पन्नं वासहरकूडा छण्णउइं वक्खारकूडा तिण्णि छलुत्तरा वेयड्ढकूडसया नव मंदरकूडा पन्नत्ता-एवमेव सपुव्वावरेणं जंबुद्दीवे दीवे चत्तारि सत्तट्ठा कूडसया भवंतीतिमक्खायं जंबुद्दीवे णं भंते दीवे भरहे वासे कइ तित्था पन्नत्ता गोयमा तओ तित्था पन्नत्ता तं जहा- मागहे वरदामे पभासे जंबुद्दीवे णं भंते दीवे एरवए वासे कइ तित्था पन्नत्ता गोयमा तओ तित्था पन्नत्ता तं जहा- मागहे वरदामे पभासे जंबुद्दीवे णं भंते दीवे महाविदेहे वासे एगमेगे चक्कवट्टिविजए कइ तित्था पन्नत्ता गोयमा तओ तित्था पन्नत्ता तं जहा- मागहे वरदामे पभासे-एवामेव सपव्वावरेणं जंबुद्दीवे दीवे एगे बिउत्तरे तित्थसए भवतीतिमक्खायं जंबुद्दीवे णं भंते दीवे केवइयाओ विज्जाहरसेढीओ केवइयाओ आभिओगसेढीओ पन्नत्ताओ गोयमा जंबद्दीवे दीवे अद्वसट्ठी विज्जाहरसेढीओ अद्वसदी आभिओगसेढीओ पन्नत्ताओ एवामेव सपुव्वावरेणं जंबुद्दीवे दीवे छत्तीसे सेढीसए भवतीतिमक्खायं जंबुद्दीवे णं भंते दीवे केवइया चक्कवट्टिविजया केवइयाओ रायहाणीओ केवइयाओ तिमिसगुहाओ केवइयाओ खंडप्पवायगुहाओ केवइया कयमालया देवा केवइया नट्टमालया देवा केवइया उसभकडा पव्वया पन्नत्ता गोयमा जंबुद्दीवे दीवे चोत्तीसं चक्कवट्टिविजया चोत्तीसं रायहाणीओ चोत्तीसं तिमिसगुहाओ चोत्तीसं खंडप्पवायगुहाओ चोत्तीसं कयमालया देवा चोत्तीसं नट्टमालया देवा चोत्तीसं उसभकूडा पव्वया पन्नत्ता जंबुद्दीवे णं भंते दीवे केवइया महद्दहा पन्नत्ता गोयमा सोलस महदहा पन्नत्ता जंबद्दीवे णं भंते दीवे केवइयाओ महानईओ वासहरपवहाओ केवइयाओ महानईओ कुंडप्पवहाओ पन्नत्ताओ गोयमा जंबुद्दीवे दीवे चोद्दस महानईओ वासहरपवहाओ छावत्तरिं महानईओ कुंडप्पवहओ-एवामे सपुव्वावरेणं जंबुद्दीवे दीवे नउइं महानईओ भवंतीतिमक्खायं जंबुद्दीवे णं भंते दीवे भरहेरवएसु वासेसु कइ महानईओ पन्नत्ताओ गोयमा चत्तारि महानईओ पन्नत्ताओ तं जहा- गंगा सिंधू रत्ता रत्तवई तत्थ णं एगमेगा महानई चउद्दसहिं सलिलासहस्सेहिं समग्गा पुरत्थिम-पच्चत्थिमेणं लवणसमुदं समप्पेड़-एवामे सपुव्वावरेणं जंबुद्दीवे दीवे भरहेरवएसु वासेसु छप्पण्णं सलिलासहस्सा भवंतीतिमक्खायं जंबुद्दीवे णं भंते दीवे हेमवय-हेरण्णवएसु वासेसु कइ महानईओ पन्नत्ताओ गोयमा चत्तारि महानईओ पन्नत्ताओ तं जहा- रोहिया रोहियंसा सुवण्णकूला रुप्पकूला तत्थ णं एगमेगा महानई अट्ठावीसाए-अट्ठावीसाए सलिलासहस्सेहिं समग्गा परत्थिमपच्चत्थिमेणं लवणसमदं समप्पेड़-एवामेव सपव्वावरेणं जंबद्दीवे दीवे हेमवय-हेरण्णवएस वासेस बारसुत्तरे सलिलासयसहस्से भवंतीतिमक्खायं जंबुद्दीवे णं भंते दीवे हरिवास-रम्मगवासेसु कइ महानईओ पन्नत्ताओ गोयमा चत्तारि महानईओ पन्नत्ताओ तं जहा- हरी हरिकंता नरकंता नरिकता तत्थ णं [दीपरत्नसागर संशोधितः] [98] [१८-जंबूद्दीवपन्नत्ति]
SR No.003735
Book TitleAgam 18 Jambudivpannatti Sattam Uvvangsuttam Mulam PDF File Without Correction
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2013
Total Pages122
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Agam 18, & agam_jambudwipapragnapti
File Size2 MB
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