SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 37
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ पगिण्हइ पोसहसालाए पोसहिए बंभयारी जाव अहमभत्तंसि परिणममाणंसि पोसहसालाओ पडिणिक्खमइपडिणिक्खमित्ता जेणेव मज्जणधरे तेणेव उवागच्छइ उवागच्छित्ता बहाए कयबलिकम्मे कयकोउय-मंगलपायच्छित्ते सुद्धप्पावेसाइं मंगल्लाइं वत्थाई पवर परिहिए अप्पमहग्धाभरणालंकियसरीरे धूवपुप्फगंधमल्लहत्थगए मज्जणघराओ पडिणिक्खमइ पडिणिक्खमित्ता जेणेव तिमिसगुहाए दाहिणिल्लस्स दुवारस्स कवाडा तेणेव पहारेत्थ गमणाए तए णं तस्स सुसेणस्स सेणावइस्स बहवे [राईसर-तलवर-माडंबियकोडुबिय-इब्भ-सेट्ठि-सेणावइ]-सत्थवाहप्पभियओ-अप्पेगइया उप्पलहत्थगया जाव अप्पेगइया सहस्सपत्तहत्थगया सुसेणं सेणावइ पिट्ठओ-पिट्ठओ अनुगच्छंति तए मं तस्स सुसेणस्स सेणावइस्स बहूओ खज्जाओ चिल्लाइयाओ जाव इंगियचिंतिय-पत्थिय-विआणियाओ निउणकसलाओ विणीयाओ अप्पेगइयाओ वंदणकलसहत्थगयाओ जाव सुसेणं सेणावई पिट्ठओ-पिट्ठओ अमुगच्छंति तए णं से सुसेणे सेणावई सव्विड्ढीए सव्वजुईए जाव निग्घोसणाइएणं जेणेव तिमिसगुहाए दाहिणिलस्स दुवारस्स कवाडा तेणेव उवागच्छइ उवागच्छित्ता आलोए पणामं करेइ करेत्ता लोमहत्थगं परामुसइ परामुसित्ता तिमिसगुहाए दाहिणिल्लस्स दुवारस्स कवाडे लोमहत्थेणं पमज्जइ पमज्जित्ता दिव्वाए उदगधाराए अब्भुक्खेइ अब्भुक्खेत्ता सरसेणं गोसीसचंदणेणं पंचंगुलितले चच्चए य दलयति दलयित्ता अग्गेहिं वरेहिं गंधेहि य मल्लेहि य अच्चिणेइ अच्चिणेत्ता पप्फारुहणं [मल्ल-गंध-वण्ण]-चुण्ण-वत्थारुहणं करेइ करेत्ता आसत्तोसत्तविपुलवट्ट-विग्धारियमल्ल-दामकलावं पंचवण्णसरससुर-भिमुक्कपुप्फपुंजोवयारकलियं कालागुरुपवरकुंदुरुक्क-तुरुक्क-धूवमघमघेत-गंधुद्धयाभिरामं सुगंधवरगंधिययं गंधवट्टिभूयं] करेइ करेत्ता अच्छेहिं सण्हेहिं सेतेहिंरययामएहिं अच्छरसा-तंडुलेहिं तिमिस्सगुहाए दाहिणिल्लस्स दुवारस्स कवाडाणं पुरओ अट्ठट्ठ मंगलए आलिहइ तं जहा- सोत्थिय सिरिवच्छ [नंदियावत्त वद्धमाणग भद्दासण मच्छ कलस दप्पण अट्ठमंगलए] आलिहित्ता काऊणं करेइ उवयारं किं ते पाडल-मल्लिय-चंपग-असोग-पुण्णाग चूयमंजरिनवमालिय-बकुल-तिलग-कणवीर-कुंद-कोज्जय-कोरंटय-पत्त-दमणय-वरसुरहिसुगंधगंधियस्स कयग्ग-हगहियकरयल-पब्भट्ठ विप्पमुक्कस्स दसद्धवण्णस्स कुसुमणिगरस्स तत्थ चित्तं जण्णुस्सेहप्पमाणमेत्तं ओहिनिगरं करेत्ता चंदप्पभवइरवेरुलियवक्खारो-३ विमलदंडं [कंचणमणिरयणभत्तिचित्तं कालागुरु-पवरकुंदुरुक्क-तुरुक्क-धूवगंधुत्तमाणुविद्धं च धूमवट्टि विणिम्मुयंतं वेरुलियमयं कडुच्छुयं पग्गहेत्तु पयते] धूवं दलयइ दलयित्ता वामं जाणुं अंचेड़ अंचेत्ता करयल परिग्गहियं सिरसावत्तं मत्थए अंजलि कट्ट कवाडाणं सव्वसत्तुसेण्णाणं खंधावारे नरवइस्स गड्डदरि-विसम-पब्भार-गिरीवर-पवायाणं समीकरणं संतिकरं सुभकरं हितकरं रणो हियइच्छियमणोरहपुरगं दिव्वमप्पडिहयं दंडरयणं गहाय सत्तट्ठ पयाइं पच्चोसक्कइ पच्चोसक्कित्ता तिमिसगुहाए दाहिणिल्लस्स दुवारस्स कवाडे दंडरयणेणं महया-महया सद्देणं तिक्खुत्तो आउडेइ तए णं तिमिसगुहाए दाहिणिल्लस्स दुवारस्स सुसेणसेणा-वइणा दंडरयणेणं महया-महया सद्देणं तिक्खुत्तो आउडिया समाणा महया-महया सद्देणं कोंचारवं करेमाणा सरसरस्स सगाई-सगाई ठाणाइं पच्चोसक्कित्था तए णं से सुसेणे सेणावई तिमिसगुहाए दाहिणिल्लस्स दुवारस्स कवाडे विहाडेइ विहाडेत्ता जेणेव भरहे राया तेणेव उवागच्छइ उवागच्छित्ता भरहं रायं करयलपरिग्गहियं सिरसावत्तं मत्थए अंजलिं कट्ट जएणं विजएणं वद्दावेइ वद्धावेत्ता एवं वयासीविहाडिया णं देवाणुप्पिया तिमिसगुहाए दाहिणिल्लस्स दुवारस्स कवाडा एयण्णं देवाणुप्पियाणं पियं निवेदेमो पियं भे भवउ तए णं से भरहे राया सुसेणस्स सेणावइस्स अंतिए एयमढे सोच्चा निसम्म हट्ठदीपरत्नसागर संशोधितः] [36] [१८-जंबूद्दीवपन्नत्ति]
SR No.003735
Book TitleAgam 18 Jambudivpannatti Sattam Uvvangsuttam Mulam PDF File Without Correction
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2013
Total Pages122
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Agam 18, & agam_jambudwipapragnapti
File Size2 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy