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________________ ठाणं (स्थान) २६४ 5. चत्तारि पुरिसजाया पण्णत्ता, तं चत्वारि पुरुषजातानि प्रज्ञप्तानि, जहा - तद्यथा— उष्णते णाममेगे उष्णत दिट्ठी, उष्णते णाममेगे पणत दिट्ठी, उन्नतो नामकः उन्नतदृष्टिः, उन्नतो नामैकः प्रणतदृष्टिः, प्रणतो नामकः उन्नतदृष्टिः, प्रणतो नामकः प्रणतदृष्टिः । पणते णाममेगे उष्णत दिट्ठी, पणते णाममेगे पणत दिट्ठी । ६. चत्तारि पुरिसजाया पण्णत्ता, तं चत्वारि पुरुषजातानि प्रज्ञप्तानि, तद्यथा उन्नतो नामैकः उन्नतशीलाचारः, उन्नतो नामैकः प्रणतशीलाचारः, प्रणतो नामैकः उन्नतशीलाचारः, प्रणतो नामकः प्रणतशीलाचारः । जहा - उष्णते णाममेगे उण्णतसीलाचारे, उष्णते णाममेगे पणतसीलाचारे, पणते णाममेगे उण्णतसीलाचारे, पणते णाममेगे पणतसीलाचारे । १०. चत्तारि पुरिसजाया पण्णत्ता, तं चत्वारि पुरुषजातानि प्रज्ञप्तानि, तद्यथा— उन्नतो नामैकः उन्नतव्यवहारः, उन्नतो नामैकः प्रणतव्यवहारः, प्रणतो नामकः उन्नतव्यवहारः, प्रणतो नामकः प्रणतव्यवहारः । जहा - उष्णते णाममेगे उण्णतववहारे, उष्णते णाममेगे पणतववहारे, पणते णाममेगे उण्णतववहारे, पणते णाममेगे पणतववहारे । जहा -- उष्णते णाममेगे उष्णतप रक्कमे, उष्णते णाममेगे पणतपरक्कमे, पणते णाममेगे उण्णतपरक्कमे पणते नाममेगे पणतपरक्कमे । Jain Education International १. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से उन्नत और उन्नत - व्यवहार वाले होते हैं, २. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से उन्नत, किन्तु प्रणतव्यवहार वाले होते हैं, ३. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से प्रणत, किन्तु उन्नत व्यवहार वाले होते हैं, ४. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से प्रणत और प्रणतव्यवहार वाले होते हैं । ४ ११. चत्तारि पुरिसजाया पण्णत्ता, तं चत्वारि पुरुषजातानि प्रज्ञप्तानि ११. पुरुष चार प्रकार के होते हैं १. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से उन्नत और उन्नत - पराक्रम वाले होते हैं, २. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से उन्नत, किन्तु प्रणतपराक्रम वाले होते हैं । ३. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से प्रणत, किन्तु उन्नतपराक्रम वाले होते हैं। ४. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से प्रणत और प्रणतपराक्रम वाले होते हैं । " तद्यथाउन्नतो नामैकः उन्नत पराक्रमः, उन्नतो नामकः प्रणतपराक्रमः, प्रणतो नामकः उन्नतपराक्रमः, प्रणतो नामकः प्रणतपराक्रमः । स्थान ४ : सूत्र ८-११ ८. पुरुष चार प्रकार के होते हैं - १. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से उन्नत और उन्नतदृष्टि वाले होते हैं, २. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से उन्नत, किन्तु प्रणतदृष्टि वाले होते हैं, ३. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से प्रणत, किन्तु उन्नतदृष्टि वाले होते हैं, ४. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से प्रणत और प्रणतदृष्टि वाले होते हैं। " ६. पुरुष चार प्रकार के होते हैं १. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से उन्नत और उन्नतशीलाचार वाले होते हैं, २. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से उन्नत, किन्तु प्रणतशीलाचार वाले होते हैं, ३. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से प्रणत, किन्तु उन्नतशीलाचार वाले होते हैं, For Private & Personal Use Only ४. कुछ पुरुष ऐश्वर्य से प्रणत और प्रणतशीलाचार वाले होते हैं। " १०. पुरुष चार प्रकार के होते हैं www.jainelibrary.org
SR No.003598
Book TitleAgam 03 Ang 03 Sthanang Sutra Thanam Terapanth
Original Sutra AuthorN/A
AuthorTulsi Acharya, Nathmalmuni
PublisherJain Vishva Bharati
Publication Year1990
Total Pages1094
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, & agam_sthanang
File Size23 MB
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