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________________ परिशिष्ट 229 1 ऋतुमास के मुहूर्त 600 हैं। 1 ऋतुवर्ष के दिवस 360 हैं। 1 ऋतुवर्ष के मुहूर्त 10800 हैं / 4. आदित्यसंवत्सर 1 युग के आदित्यमास 60 हैं। 1 आदित्यमास के 30 दिवस हैं। 1 आदित्यमास के 915 मुहूर्त होते हैं / 1 आदित्यसंवत्सर के 366 दिवस होते हैं / 1 आदित्यसंवत्सर के 10980 मुहूर्त होते हैं / 5. अभिवधितसंवत्सर 1 अभिवधित मास के 31 दिवस 29 मुहूर्त 17/62 भाग होते हैं / 1 अभिवधित मास के 959 मुहूर्त 17/62 भाग। 1 अभिवधित संवत्सर के 383 दिवस 21 मुहूर्त 15/62 भाग होते हैं। 1 अभिवधित संवत्सर के 11511 मुहूर्त 18/62 भाग होते हैं। सूत्र 72 समाप्त / चूणित भाग सूत्र 73 नो युग के अहोरात्र का प्रमाण दिवस मुहूर्त वासठिया भाग 1. नक्षत्रसंवत्सर 327 22 2. चन्द्रसंवत्सर 354 3. ऋतुसंवत्सर 4. प्रादित्यसंवत्सर / 5. अभिधितसंवत्सर 383 mr xxx m रxxxx mr 57 1761 नो युग के मुहर्त 1791 4 30 = 53730+16-537491555/67 चूणित भाग / नो युग में कितने दिवस मिलाने पर युग पूर्ण होता है ?38 दिवस 10 मुहूर्त 1 भाग 12/67 चूणित भाग मिलाने से युग पूर्ण होता है। कितने मुहूर्त मिलाने से युग के मुहूर्त पूर्ण होते हैं ? 384 30 = 1040+10 = 11 मुहूर्त 1150 मुहूर्त भाग 12/67 चूर्णित भाग मिलाने पर युग के मुहूर्त पूर्ण होते हैं / युग के दिवस कितने ? Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.003484
Book TitleAgam 16 17 Suryaprajnapti Chandraprajnapti Sutra - Swe Mu Pu Agam 16 17
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Kanhaiyalal Maharaj, Shobhachad Bharilla
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1989
Total Pages300
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size7 MB
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