________________ [सूर्यप्रज्ञप्तिसूत्र 18304 12 21660 - ---327 दिवस 51/67 मुहूर्त 67 67 नक्षत्रसंवत्सर के दिवस होते हैं। नक्षत्रसंवत्सर के मुहूर्त बनाने लिये नक्षत्रसंवत्सर के दिवसों को 30 से गुणा करना चाहिये। 21660 30 658800 / ऐसा करने पर - -x------------6832 मुहूर्त 56/67 भाग नक्षत्रसंवत्सर के मुहूर्त हैं। 2. चन्द्रसंवत्सर चन्द्रमास के 26 दिवस 32/62 मुहूर्त हैं / चन्द्रमास 885 मुहूर्त 30/60 भागात्मक है / चन्द्रसंवत्सर 354 दिवस 12/62 महात्मक है। चन्द्रसंवत्सर 10625 मुहूर्त 50/62 भागात्मक है। 1 युग के चन्द्रमास 62 हैं / 1 युग के दिवस 1830 हैं। 1 चन्द्रमास के दिवस जानने के लिये 1830 को 62 से भाग देना चाहिये / 183062 = 26 दिवस 32/62 मुहूर्त होते हैं। चन्द्रमास के मुहूर्त जानने के लिये चन्द्रमास के दिवसों की संख्या को 30 से गुणा करना चाहिये 183043054900 ------------- -----885 --885 मुहूर्त 30/62 भाग होते हैं। चन्द्रसंवत्सर के दिवस जानने के लिये चन्द्रमास के दिवसों को 12 से गुणा करना चाहिये। 18304 12 21660 = 354 दिवस 12/62 मुहूर्तात्मक चन्द्रसंवत्सर होता है / चन्द्रसंवत्सर के मुहूर्त जानने के लिये वर्ष के दिवसों को 30 से गुणा करना चाहिये। 21660430 658800 ----- 10625 मुहूर्त 50/62 भाग होते हैं / 62 3. ऋतुसंवत्सर 1 युग के ऋतुमास 61 हैं / 1 ऋतुमास के दिवस 30 हैं। Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org