________________ [सूर्यप्रजाप्तिसूत्र पुष्य पुनर्वसु 226] 6. पौषी 7. माध्वी 8. फाल्गुनी आषाढ़ी श्रावणी मघा आश्लेषा भाद्रपदी उ. फाल्गुनी पू. फाल्गुनी 9. चैत्री अश्विनी चित्रा कार्तिकी विशाखा स्वाति 10. वैशाखी 11. ज्येष्ठा 12. आषाढी मार्गशीर्षी ज्येष्ठा अनुराधा पौषी उ.षाढा पू. षाढा '--सूत्र 40 समाप्त दशम प्राभूत का सातवाँ प्राभृत-प्राभृत समाप्त / दशम प्राभूत का दसवाँ प्राभूत-प्राभृत 6. पौष दक्षिणायन मास पौरुषी वद्धि 1. श्रावण 2 पाद 4 अंगुल 4 अंगुल 2. भाद्रपद २पाद 8 अंगुल 8 अंगुल 3. प्रासौज 3 पाद 4. कार्तिक 3 पाद 4 अंगुल 1 पाद 4 अंगुल 5. मार्गशीर्ष 3 पाद 8 अंगुल 1 पाद 8 अंगुल 4 पाद 2 पाद उत्तरायण मास पौरुषी हानि 1. माघ 3 पाद 8 अंगुल 4 अंगुल 2. फाल्गुन 3 पाद 4 अंगुल 8 अंगुल 3. चैत्र 3 पाद 1 पाद 4. वैशाख 2 पाद 8 अंगुल 1 पाद 4 अंगुल 5 जेष्ठ 2 पाद 4 अंगुल १पाद 8 अंगुल 6 आषाढ़ 2 पाद 2 पाद -सूत्र 43 समाप्त दशम प्राभृत का दसवाँ प्राभृत-प्राभूत समाप्त / Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org