________________ परिशिष्ट] [225 अत: 6 दिवस 7 / 10 मुहूर्त सूर्य के साथ योग करता है / * के मुहूर्त जानने के लिये 30 से गुणा करने पर 21 मुहर्त आते हैं। अर्थात् शतभिषा नक्षत्र का सूर्य के साथ 6 दिवस और 21 मुहूर्त योग होता है / इसी प्रकार अन्य नक्षत्रों के लिये जानना चाहिये / 30 मुहूर्त चन्द्र के साथ योग करने पर नक्षत्र का सर्य के साथ योगकाल श्रवण नक्षत्र चन्द्र के साथ 1 दिवस के 67 भाग योग करता है तो सूर्य के साथ कितने समय योग करता है ? सूर्य के साथ होने वाले योग का समय जानने के लिये चन्द्र के साथ होने वाले योग के समय को 5 से भाग देने पर जो भाज्य-भाजक भाव से उपलब्ध होता है वह नक्षत्र का सूर्य के साथ का योगकाल समझना चाहिये। 67 : 5 = 133 दिवस 2 / 5 के मुहूर्त निकालने के लिये 30 से गुणा करने पर 12 मुहूर्त होते हैं। अतएव उस प्रकार से 13 दिवस 12 मुहूर्त अन्य नक्षत्र के साथ भी सूर्य का योगकाल जानना चाहिये। 45 मुहूर्त चन्द्र के साथ योग करने पर नक्षत्र का सूर्य के साथ योगकाल उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चन्द्र के साथ 20. भाग योग करता है। उसका सूर्य के साथ कितने समय योग होता है, यह समझने के लिये 5 से भाग देने पर 23.45 करने पर 4. आयेगा। उनके दिवस बनाने पर 20 दिवस और 3 मुहूर्त समय होंगे। जो उत्तरभाद्रपद नक्षत्र का सूर्य के साथ योगकाल है। -सूत्र 34 समाप्त दसर्व प्राभृत का दूसरा प्राभृत-प्राभृत समाप्त। सूत्र 40 र अमावस्या का चन्द्र योग को अधिकार कर सन्निपात पूर्णिमा अमावस्या कुल नक्षत्र उपकुल नक्षत्र कुलोपकुल नक्षत्र माघ धनिष्ठा श्रवण अभिजित 1. श्रावणी 2. भाद्रपदी उ. भाद्रपद पू. भाद्रपद शतभिषा फाल्गुनी चैत्री 3. अश्विनी रेवती 4. कार्तिक वैशाखी अश्विनी कृत्तिका मृगशिर भरणी रोहिणी 5. मार्गशीर्षी जेष्ठा Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org