________________ 208] [सूर्यप्राप्तिसूत्र पडिवत्तीग्रो उदए, अदुव अत्थमणेसु य। भेयघाए कण्णकला, मुहताण गईइ य // 13 // निक्खममाणे सिग्घगई, पविसंते मंदगईइ य। चुलसीइसयं पुरिसाणं, तेसि च पडिवत्तीओ // 14 // उदयम्मि अट्ट भणिया, भेयग्घाए दुवे च पडिवत्सी।। चत्तारि मुहत्तगईए, होति तइयम्मि पडिवत्ती // 15 // सूत्र 4 आवलिय 1, मुहत्तग्गे 2, एवंभागा 3 य, जोगस्सा 4 / कुलाई 5, पुण्णमासी 6 य, संनिधाए 7 य संठिई 8 // 16 / तारगं 9, च णेता य, 10, चंदमग्गत्ति 11 यावरे / देवताणं य अज्झयणा 12, मुहत्ताणं नामया 13 इय // 17 // दिवसा राई य वत्ता 14 य, तिहि 15, गोत्ता 16 भोयणाणि य 17 / आइच्चचार 18, मासा 19 य, पंच संवच्छरा 20 इय / / 18 / / जोइसस्स य दाराई 21, नक्खत्तविचए 22 विय / दसमे पाहुडे एए, बावीसं पाहुड-पाहुडा // 19 // सूत्र 5 // तेणं कालेणं तेणं समएणं मिहिला णामं णयरी होत्था रिद्धस्थिमियसमिद्धा पमुइयजणजाणवया जाव पासादीया, वण्णओ॥१॥ तीसे गं मिहिलाए णयरीए बहिया उत्तरपुरस्थिमे दिसीभाए एत्थ णं माणिभद्दे णामं चेइए होत्था चिराईए, वण्णओ // 2 // तीसे गं मिहिलाए गयरीए जियसत्तणामं राया, धारिणी देवी, वण्णओ // 3 // तेणं कालेणं तेणं समएणं तंमि माणिभद्दे चेइए सामी समोसढे, परिसा णिग्गया, धम्मो कहिओ, परिसा पडिगया जाव राया जामेव दिसि पाउन्भूए तामेव दिसि पडिगए // 4 // सूत्र 6 // तेणं कालेणं तेणं समएणं समणस्स भगवओ महावीरस्स जेठे अंतेवासी इंदभूई णामं अणगारे गोयमगोत्ते णं सत्तुस्सेहे जाव पज्जुवासमाणे एवं वयासी // सूत्र 7 // प० ता कहं ते वड्ढोवड्ढो मुहुत्ताणं आहितेत्ति वदेज्जा ? उ० गोयमा ! ता अट्ट एगूणवोसे मुहत्तसते सत्तावीसं च सत्तविभागो मुहत्तस्स आहितेत्ति वदेज्जा / / सूत्र 8 // जाव"........ Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org