________________ विविध लेश्या विशिष्ट चौवीस दण्डकवर्ती जीवों का अल्पवहत्व मलेण्य सामान्य जीवों और चौबीम दण्डकों में ऋद्धिक ,, 271 282 तृतीय उद्देशक चौवीस दण्डकवर्ती जीवों में उत्पाद-उद वतन-प्ररूपणा देण्यायुक्त .. . " कृष्णादि लेश्या बाले नै रयिकों में अवधिज्ञान-दर्शन से जानने-देखने का तारतम्य कृष्णादि लेण्यायुक्त जीवों में ज्ञान की प्ररूपणा // U0.00 - 00 295 . 295 . . 299 303 . 0 . 0 . चतुर्थ उद्देशक चतुर्थ उद्देशक के अधिकारों की गाथा लेण्या के छह प्रकार प्रथम परिणामाधिकार द्वितीय वर्णाधिकार ततीय रसाधिकार चतुर्थ गन्धाधिकार से नवम गति-अधिकार तक का निरूपण दशम परिणामाधिकार ग्यारहवें प्रदेशाधिकार से चौदहवें स्थानाधिकार की प्ररूपणा पन्द्रहवां अल्पबहुत्वद्वार पंचम लेश्यापद लेण्याओं के छह प्रकार छठा उद्देशक लेण्या के छह प्रकार मनुष्यों में लेश्यानों की प्ररूपणा लेश्या को लेकर गर्भोत्पत्ति सम्बन्धी प्ररूपणा 0 . 8 . . अठारहवाँ कायस्थितिपद / . . " प्राथमिक कायस्थितिपद के. वाईम द्वार प्रथम-द्वितीय जीवद्वार-गतिद्वार ननीय इन्द्रियहार चतुर्थ कायद्वार पंचम योगद्वार छठा वेदद्वार मानवाँ कपायद्वार ग्राठवाँ लश्याद्वार KKA 06 . . [12] Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org