________________ सप्तम उच्छ्वासपद [501 [715 उ.] गौतम ! (वे) जघन्यतः तेईस पक्षों में और उत्कृष्टतः चौवीस पक्षों में (अन्त:स्फुरित) उच्छ्वास यावत् (बाह्यस्फुरित) निःश्वास लेते हैं। 716. हेट्रिमउवरिमगेवेज्जगा देवा णं भंते ! केतिकालस्स जाव नीससंति वा ? गोयमा ! जहण्णेणं चउवीसाए पक्खाणं जाव नीससंति वा, उक्कोसेणं पणुवीसाए पक्खाणं जाव नोससंति वा। [716 प्र.] भगवन् ! अधस्तन-उपरितन ग्रैवेयक के देव कितने काल से (आन्तरिक) उच्छ्वास यावत् (बाह्य) निःश्वास लेते हैं ? [716 उ.] गौतम ! (वे) जघन्यत: चौवीस पक्षों में और उत्कृष्टत: पच्चीस पक्षों में (अन्तःस्फुरित) उच्छ्वास, यावत् (बाह्यस्फुरित) नि:श्वास लेते हैं / 717. मज्झिमहेटिमगेवेज्जगा गं भंते ! देवा केवतिकालस्स जाव नीससंति वा? गोयमा ! जहणणं पणवीसाए पक्खाणं जाव नीससंति वा, उक्कोसेणं छव्वीसाए पक्खाणं जाव नीससंति वा। [717 प्र.] भगवन् ! मध्यम-अधस्तन वेयक देव कितने काल से (आन्तरिक) उच्छ्वास यावत् (बाह्य) निःश्वास लेते हैं ? [717 उ.] गौतम ! (वे) जघन्यतः पच्चीस पक्षों में और उत्कृष्टत: छव्वीस पक्षों में (अन्तःस्फुरित) उच्छ्वास यावत (बाह्यस्फुरित) निःश्वास लेते हैं / 718. मज्झिममझिमगेवेज्जगदेवा गं भंते ! केवलिकालस्स जाव नीससंति वा ? गोयमा ! जहणेणं छव्वीसाए पक्खाणं जाव नोससंति वा, उक्कोसेणं सत्तावीसाए पक्खाणं जाव नीससंति का। [718 प्र.] भगवन् ! मध्यम-मध्यमवेयक देव कितने काल से (आन्तरिक) उच्छ्वास यावत् (बाह्य) निःश्वास लेते हैं ? [718 उ.] गौतम ! (वे) जघन्यतः छब्बीस पक्षों में और उत्कृष्टत: सत्ताईस पक्षों में (अन्तःस्फुरित) उच्छ्वास यावत् (बाह्यस्फुरित) निःश्वास लेते हैं / 716. मज्झिमाउरिमगेवेज्जगा एं भंते ! देवा केवतिकालस्स जाव नीससंति वा ? गोयमा ! जहणणं सत्तावीसाए पक्खाणं जाव नीससंति वा, उक्कोसेणं अट्ठावीसाए पक्खाणं जावनीससंति वा। [719 प्र.] भगवन् ! मध्यम-उपरितनने वेयक देव कितने काल से (पान्तरिक) उच्छवास यावत् (बाह्य) निःश्वास लेते हैं ? [719 उ.] गौतम ! (वे) जघन्यतः सत्ताईस पक्षों में और उत्कृष्टत: अट्ठाईस पक्षों में (अन्तःस्फुरित) उच्छ्वास यावत् (बाह्यस्फुरित) निःश्वास लेते हैं। Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org