________________ 500 | प्रज्ञापनासूत्र ___ [711 प्र.] भगवन् ! प्राणतकल्प के देव कितने काल से (अन्तःस्फुरित) उच्छ्वास यावत् (बाह्यस्फुरित) निःश्वास लेते हैं ? [711 उ.] गौतम ! (वे) जघन्यतः उन्नीस पक्षों में और उत्कृष्टतः बीस पक्षों में (अन्तःस्फुरित) उच्छ्वास यावत् (बाह्यस्फुरित) निःश्वास लेते हैं / 712. पारणदेवा णं भंते ! केतिकालस्स जाव नीससंति वा ? गोयमा ! जहणणं वीसाए पक्खाणं जाव नीससंति वा, उक्कोसेणं एगवीसाए पक्खाणं जाव नीससंति वा / [712 प्र.] भगवन् ! पारणकल्प के देव कितने काल से (अन्तःस्फुरित) उच्छ्वास यावत् (बायस्फुरित) निःश्वास लेते हैं ? [712 उ.] गौतम ! (वे) जघन्यतः बीस पक्षों में और उत्कृष्टत: इक्कीस पक्षों में (अन्तःस्फुरित) उच्छ्वास यावत् (बाह्यस्फुरित) निःश्वास लेते हैं। 713. अच्चयदेवा णं भंते ! केतिकालस्स जाव नोससंति वा ? गोयमा ! जहण्णेणं एक्कवीसाए पक्खाणं जाव नीससंति वा, उक्कोसेणं बावीसाए पवखाणं जाव नीससंति वा। [713 प्र.] भगवन् ! अच्युतकल्प के देव कितने काल से (अन्तःस्फुरित) उच्छ्वास यावत् (बाह्यस्फुरित) निःश्वास लेते हैं ? [713 उ.] गौतम ! (वे) जघन्यत: इक्कीस पक्षों में और उत्कृष्टत: बाईस पक्षों में (अन्तःस्फुरित) उच्छ्वास यावत् (बाह्यस्फुरित) नि:श्वास लेते हैं / 714. हेट्रिमहिट्रिमगेविज्जगदेवा गं भंते ! केवतिकालस्स जाव नीससंति वा / गोयमा ! जहन्नेणं बावीसाए पक्खाणं जाव नोससंति था, उक्कोसेणं तेवीसाए पक्खाणं जाव नीससंति वा। [714 प्र. भगवन् ! अधस्तन-अधस्तनौवेयक देव कितने काल से (आन्तरिक) उच्छ्वास यावत् (बाह्य) निःश्वास लेते हैं ? [714 उ.] गौतम ! (वे) जघन्यतः बाईस पक्षों में और उत्कृष्टतः तेईस पक्षों में (अन्तःस्फुरित) उच्छ्वास यावत् (बाह्यस्फुरित) निःश्वास लेते हैं / 715. हेटिममझिमगेवेज्जगदेवा गं भंते ! केवतिकालस्स जाव नीससंति वा ? गोयमा ! जहण्णणं तेवीसाए पक्खाणं जाव नोससंति वा, उक्कोसेणं चउवीसाए पक्खाणं जाव नोससंति वा। [715 उ.] भगवन् ! अधस्तन-मध्यमवेयक देव कितने काल से (आन्तरिक) उच्छ्वास यावत् (बाह्य) निःश्वास लेते हैं ? Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org