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________________ विषय-सूची सूत्रांक विषय पृष्ठांक प्रायश्चित्त तालिका १. पराधीनता से २. आतुरता से उपवास के समकक्ष तप विकल्प । ३. आसक्ति से । -९ उद्देशक १ १. वेदमोहदय-प्रायश्चित्त मंगलाचरण विचारणा, लिपि नमस्कार, उत्थानिकानों के मौलिकता की विचारणा, भिक्षु शब्द से भिक्षुणी भी, दो करण से तीन करण, अनुमोदन की क्रिया । अंगावान संचालन आदि का प्रायश्चित्त ८-१२ सात दृष्टांत, अंगादान व्याख्या, अभ्यंगन आदि शब्दों का विश्लेषण, संक्षिप्त पाठ सूचन, शिक्षा वचन, "अचित्त श्रोत" का प्रासंगिक अर्थ । १० फूल आदि सचित्त पदार्थ सूधने का प्रायश्चित्त ११-१४ गृहस्थ द्वारा पदमार्ग आदि बनवाने का प्रायश्चित्त पदमार्ग, संक्रमणमार्ग, अवलंबन, दगवीणिका, छींका एवं चिलिमिलिका का विश्लेषण । १५-१८ सूई आदि के सुधार-संस्कार कराने का प्रायश्चित्त १४-१७ उत्तरकरण का अर्थ, दो प्रकार के उपकरण, सधातुक उपकरण रखना, परिग्रह स्वरूप, अन्यती थिक गहस्थ के भेद-प्रभेद एवं क्रम, प्रासंगिक अर्थ की सूचना । १९-२२ सई आदि के निष्प्रयोजन लाने का प्रायश्चित्त २३-२६ सूई आदि अविधि से लेने का प्रायश्चित्त २७-३० सूई आदि से अनिर्दिष्ट कार्य करने का प्रायश्चित्त ३१-३४ सूई आदि अन्य को देने का प्रायश्चित्त ३५-३८ सूई आदि अविधि से लौटने का प्रायश्चित्त पात्र सुधरवाने का प्रायश्चित्त ( ७२ ) Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.003462
Book TitleAgam 24 Chhed 01 Nishith Sutra Stahanakvasi
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Kanhaiyalal Maharaj, Trilokmuni, Devendramuni, Ratanmuni
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1991
Total Pages567
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Ethics, & agam_nishith
File Size11 MB
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