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________________ तें/तेण / तेणं ताए / तए अम्हेहिं तुम्हेहिं तहिं / ताहिं / तेहिं ताहिं तहिं नरिंदहिं/ नरिंदाहिं / नरिंदेहिं हसि अव्व / हसिअव्वा / हसिअव्वु हसे अव्व / हसे अव्वा / हसे अव्वु कमलहिं / कमलाहिं / कमलेहिं विअसिअव्व/विअसिअव्वा /विअसिअव्वु ससाहिं/ससहिं विअसे अव्व / विअसे अव्वा / विअसेअव्वु जग्गअव्व / जग्गिअव्वा / जग्गिअव्वु जग्गे अव्व/जग्गे अव्वा / जग्गेअव्वु हसि अब्ब/हसि अव्वा / हसिअब्बु हसे अव्व / हसे अव्वा / हसे अव्वु हसि अन्व / हसि अन्वा / हसिअव्वु हसे अव्व / हसे अव्वा / हसेअब्बु हसि अब्ब / हसि अव्वा / हसिअव्वु हसिएव्वउं/ हसेव्वउं / हसेवा हसिएव्वउं / हसेव्वउं / हसेवा 90 Jain Education International उसके द्वारा हँसा जाना चाहिए । = उस (स्त्री) के द्वारा हँसा जाना चाहिए। = (1) विधि कृदन्त के परिवर्तनीय रूप नपुंसकलिंग एकवचन नरिंदहिं/ नरिंदाहिं/ नरिंदेहिं हसिएव्वउं / हसेव्वउं / हसेवा कमलहिं / कमलाहिं / कमलेहिं विअसिएव्वउं/विअसेव्वउं/विअसेवा • हसे अव्व / हसे अव्वा / हसेअब्बु हसि अव्व / हसि अव्वा / हसिअब्बु हसे अव्व / हसे अव्वा / हसे अव्वु (2) विधि कृदन्त के अपरिवर्तनीय रूप For Private & Personal Use Only = राजाओं के द्वारा हँसा जाना चाहिए। कमलों के द्वारा खिला जाना चाहिए। बहिनों के द्वारा जागा जाना चाहिए। हमारे द्वारा हँसा जाना चाहिए। तुम्हारे द्वारा हँसा जाना चाहिए। उनके द्वारा हँसा = = = राजाओं के द्वारा हँसा जाना चाहिए। = जाना चाहिए। उन (स्त्रियों) के द्वारा हँसा जाना चाहिए। = कमलों द्वारा खिला जाना चाहिए । अपभ्रंश रचना सौरभ www.jainelibrary.org
SR No.002687
Book TitleApbhramsa Rachna Saurabh
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKamalchand Sogani
PublisherApbhramsa Sahitya Academy
Publication Year2003
Total Pages246
LanguageApbhramsa, Hindi
ClassificationBook_Devnagari & Grammar
File Size7 MB
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