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________________ पाठ ३५ बहुवचन । तेहि = सर्वनाम (पुं, स्त्री.) तृतीया = के द्वारा साथ, से एकवचन अर्थ अर्थ ... मए = मेरे द्वारा अम्हेहि = हमारे/हम दोनों के द्वारा .. तुमए = तेरे द्वारा तुम्हेहि = तुम्हारे/तुम दोनों के द्वारा (पु) तेण = उसके द्वारा उनके/उन दोनों के द्वारा ताए = उसके द्वारा ताहि = उसके/उन दोनों के द्वारा (पु) इमेण = इनके द्वारा इमेहि = इन सबके द्वारा (स्त्री) इमाए = इनके द्वारा इमाहि = इन सबके द्वारा (पु) • केण= किनके द्वारा केहि = किन सबके द्वारा (स्त्री) काए = किनके द्वारा काहि = किन सबके द्वारा उदाहरण वाक्य : एकवचन इदं कज्जं मए होइ = यह कार्य मेरे द्वारा होता है। तं कज्जं तुमए होइ = वह कार्य तेरे द्वारा होता है। इदं कज्ज तेण होइ = यह कार्य उसके द्वारा होता है। तं कज्ज ताए होइ = यह कार्य उस (स्त्री) द्वारा होता है। तं कज्ज इमिणा होइ . = यह कार्य इसके द्वारा होता है। . इदं कज्ज काए होइ • = यह कार्य किस (स्त्री) द्वारा होता है। बहुवचन इमाणि कज्जाणि अम्हेहि होन्ति = ये कार्य हमारे द्वारा होते हैं। ताणि कज्जाणि तुम्हेहि होन्ति = ये कार्य तुम्हारे द्वारा होते हैं। इदं दुक्खं तेहि होइ. = यह दुख उनके द्वारा होता है। तं सुक्खं ताहि होइ = वह सुख उनके (स्त्री) द्वारा होता है। तं कज्ज इमेहि होइ = वह कार्य इन सबके द्वारा होता है। :.'. तं दुक्खं काहि होइ = वह दुख किन (स्त्रियों) के द्वारा होता है? प्राकृत में अनुवाद करो : यह सुख मेरे द्वारा होता है। यह कार्य तेरे द्वारा होता है। यह कार्य उसके द्वारा होता है। वे कार्य हमारे द्वारा होते हैं। यह कार्य तुम दोनों के द्वारा होता है। यह कार्य उन दोनों के द्वारा होता है। ये कार्य उन स्त्रियों के द्वारा होते हैं। यह दुःख उस स्त्री के द्वारा होता है। यह कार्य उन दोनों स्त्रियों के द्वारा होता है। वे कार्य तुम सबके द्वारा होते हैं। ये कार्य किन सबके द्वारा होते हैं? खण्ड १
SR No.002253
Book TitlePrakrit Swayam Shikshak
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPrem Suman Jain
PublisherPrakrit Bharati Academy
Publication Year1998
Total Pages250
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size12 MB
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