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श्रीमत्स्वामि-समन्तभद्राचार्य विरचित
देवागम
[ जिनदेवागम-ज्ञापक- स्तोत्र ]
अपरनाम
आप्त-मीमांसा
[ सम्यग्मिथ्योपवेशाऽर्थविशेष - प्रतिपत्तिरूपा ] स्पष्टार्थादियुक्त-मूलानुगामी अनुवादसे भूषित
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