Book Title: Tirthankar 1978 11 12
Author(s): Nemichand Jain
Publisher: Hira Bhaiyya Prakashan Indore

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Page 5
________________ तीर्थयात्रा -डॉ. पन्नालाल साहित्याचार्य बुन्देलखण्ड-यात्रा की दो बड़ी उपलब्धियाँ (संस्मरण) -श्रेयान्सप्रसाद जैन नैनागिरि : जहाँ खुलते हैं अन्तर्नयन -सुरेश जैन बाबू बाबाजी की याद में (संस्मरण) -स्व. अयोध्याप्रसाद गोयलीय प्रेम का अभाव ही है नरक -भानीराम 'अग्निमुख' वाणी मुखरित हुई धरा पर (कविता) -बाबूलाल जैन 'जलज' बचें हम, प्रश्नों की भीड़ से -डॉ. कुन्तल गोयल सम्प्रदाय (ललित व्यंग्य) -सुरेश 'सरल' समस्याओं से घिरा आज का शोध-छात्र -डॉ. कस्तूरचन्द कासलीवाल जैनविद्या : विकास-क्रम/कल, आज (५) -डॉ. राजाराम जैन टिप्पणियाँ १ : ये गड़बड़ियां –श्रीमती विमला जैन २: महानता की कसौटियाँ -गुलाबचन्द आदित्य चालीस वर्ष और सिर्फ चार आने !! (बोधकथा) कसौटी समाचार-परिशिष्ट निराकुलता -नेमीचन्द पटोरिया प्रश्न भी स्वाध्याय आवरण-३ आवरण-४ चित : नीरज जैन (आवरण-१, २); नरेन्द्र प्रकाश जैन (पृष्ठ ५०, ५१, ५२) सिस्टर जनवियेव (पृष्ठ-९८) Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org

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