Book Title: Sramana 2008 01
Author(s): Shreeprakash Pandey, Vijay Kumar
Publisher: Parshvanath Vidhyashram Varanasi

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Page 133
________________ १२८ : श्रमण, वर्ष ५९, अंक १/जनवरी-मार्च २००८ ___फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री एन० सुगालचंदजी जैन ने २७ मार्च २००८ को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस से बारहवें भगवान महावीर पुरस्कारों की घोषणा की। समग्र देश से प्राप्त लगभग ३०० नामांकनों में से श्रेष्ठ चयन हेतु निर्णायक मंडल का गठन किया गया। भारत के पूर्व न्यायधीश श्री एम०एन० वेंकटचेल्लया जी, पूर्व राज्यमंत्री श्री रामनिवास मिर्धा जी, बार एक्ट लॉ श्री दीपचन्द जी गार्डी, प्रतिष्ठित साध्वी एवं समाज सुधारक पूज्य आचार्यश्री चंदनाजी महाराज, आई०ए०एस० सेवानिवृत्त पूर्व अध्यक्ष, सेबी पद्मभूषण श्री डी०आर० मेहता जी, भारतीय विद्या भवन मेंगलोर केंद्र के अध्यक्ष प्रोफेसर बी०एम० हेगड़े जी एवं भारतीय मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सेवानिवृत्त) श्री टी०एस० कृष्णमूर्ति जी ने शामिल होकर इस निर्णायक मंडल को सुशोभित किया। तीनों पुरस्कारों का विवरण निम्न प्रकार है - पुरस्कार 'ए' ___ अहिंसा और शाकाहार के क्षेत्र में वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए श्रेष्ठ भूमिका हेतु 'एक्शन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ वाइल्ड एनिमल्स',उड़ीसा।। पुरस्कार 'बी' शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में श्रेष्ठ भूमिका हेतु 'महात्मा गांधी चिकित्सा विज्ञान संस्थान, सेवाग्राम', महाराष्ट्र। पुरस्कार 'सी' राष्ट्र और समाज सेवा के क्षेत्र में श्रेष्ठ भूमिका हेतु 'अमर सेवा संगम, अईकुडी, तिरुनेलवेली जिला', तमिलनाडु। भगवान महावीर फाउंडेशन के ट्रस्टी श्री एस० विनोदकुमार जी और माननीय प्रबंधक ट्रस्टी श्री पी०वी० कृष्णमूर्ति जी (आई०ए०ए०एस०, सेवानिवृत्त) भी इस समारोह में उपस्थित थे। Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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