Book Title: Savdhan Devdravya Vyavastha Margadarshak
Author(s): Vichakshansuri
Publisher: Kumar Agency

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Page 32
________________ आयड अति प्राचीन तीर्थ-तपागच्छ उद्गम स्थान उदयपुर हांथी पोल से 3 k.m. दूर अति प्राचीन चार विशाल जैन मंदिर हैं। तेरहवी सदी में परमतपस्वी आचार्य श्री जगच्चन्द्रसूरिजी के आजीवन बारह वर्ष तक आयंबिल तपस्या से प्रभावित होकर मेवाड के महाराणा जेत्रसिंह ने उन्हें 'तपा' का बिरुद दिया था। तब से महावीर स्वामी की परम्परा के साधुओं का तपागच्छ कहलाया | दो मंदिरों का जीर्णोध्दार चल रहा है। उनमें एक का आणंदजी कल्याणजी पेढी, अहमदाबाद व दूसरे का पिण्डवाडा जैन संघ पेढी की ओर से हो रहा है। . धर्मशाला, भोजनशाला, उपाश्रय भी बनेंगे / दाताओं के लिए लक्ष्मी के सदुपयोग करने का सुंदर स्थान है। * पत्र व्यवहार c/o. दीवान सिंह बाफना घंटाघर - उदयपुर (राजस्थान) पिन - 3130016 फोन. R. 23307 - S. 245 = 31

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