Book Title: Pravrujyavidhankulama Author(s): Jinendrasuri Publisher: Harshpushpamrut Jain Granthmala View full book textPage 3
________________ प्रकाशिका - श्री हर्षपुष्पामृत जैन ग्रन्थमाला (लाखाबावल) C/o. शुतज्ञान भवन, ४५, दिग्विजय प्लोट जामनगर (गुजरात) ॥२॥ वीर सं. २५२३ विक्रम सं. २०५३ :: सन् १९९७ :: प्रथमावृत्ति: :: प्रतयः ७५० * आभार दर्शन - अमारी ग्रन्थमाला रफशी प्राचीन साहित्य प्रकाशन योजनागा | श्री प्राविधानसीक | वरी ३३१ मा पन्यांक वरीके प्रगट करai आनंद लुमवीए डीए. आj2ij संपादन ५. 31. श्री विजाय जिसरीवर. ना. Hए कर्यु), || अन्य प्रकाश! पृ. 3. श्री विजयजिनेन्द्रसीताजी ग. 11 34देशी श्री रामापुरा | धाcिh 30 ट्रस्ट वडोदरा der श्री वे. ग. शैल शिव साय बह तरफशी प्रतार करेल. सका. माटोमा | JIChalu ता. १२-२-९७ जामनगर महेता मगनलाल चत्रभुज व्यवस्थापक - श्री हर्षपुष्पामृत जैन ग्रन्थमाला ॥२ ॥Page Navigation
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