Book Title: Pravachansaroddhar Part 2
Author(s): Nemichandrasuri
Publisher: ZZZ Unknown

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Page 17
________________ सारोदारे लटीके हितोष ११बहत्संग्रहणो [चिनभद्र-क्षमाश्रमणकृता, मलमगिरि- मूरिटोकायुता प्र. जैन आत्मानन्दसभा _ वि.सं १९७३) बहसंग्रहणी (देवभद्रीयवृत्तियुना) १८ मगवतीसूत्रम् (मभयदेवसूरिवृत्तियुक्तम् प्र. प्राग मोदयसमिति बि. स. १६७४-७७) ६६ महापाचखाणपयनो ७. महाभारतम् (प्र. निर्णयसागर प्रेस मुंगा) ७१ योगबिन्दुप्रकरणम् ७२ योगशास्त्रम स्वोपशवृत्तियुतम् , सम्पादक श्री जम्। विजयजी, भा. १-२, प्र.जैन साहित्यविकासमण्डल वि.सं. २०३३] ४. योगशास्त्रम् स्विोपशवृत्तियुलम, प्र. जैनधमप्रसा रकसभा वि.सं. १९८२) ७४ सोकप्रकाशः ७५ बसुदेवहिधिप्रथमसलम (प्र.जंन मारमानन्दसभा मि. सं. १९८६ ७६ विचारसारप्रकरणम् (श्युम्न सूरिविरचितम प्र. प्रागमोरयसमिति बि. सं. ११७१) ७. विशेषनवतो विषमपदार्थावबोधः (प्रवचनसारोदारस्य टिप्पनकम , हस्तलिखितम् ) सम्पादनो७६ विशेषशतकम समयसुन्दरगणिकृतम् प्र. शेठ लखमीचन्द अमरचन्द प्रागरा ।पयुक्त वि. स. १६७३) सचिः ८. विशेषावश्यकमाध्यम (स्वोपविवरणयतमः कोट्याचार्यवादिगणिकृतपूर्तिरुपविवरणसहितंच.प्र.ला. इ. भार तीय संस्कृति विद्यामन्दिर ८१ म्यवहारसूत्रम् ( भाष्य-वृत्तियुतम , प्र. वकिल विकमलाल उगरचन्द्र ममदावाद वि.स. १९८४) ८२ सास्त्रवार्तासमुच्चयः (प्र. देवचन्द्र मामभाइ ८३ भापकर्मविधि प्रकरणम् (प्र. केशरवाइ जैन ज्ञानमंदिरपाटण वि.सं.१९७६) ८५श्रावप्रमाप्तिः (प्र.ज्ञानप्रसारमण्डल विसं.१९६६) ८५ भाषक तमङ्गप्रकरणम् ८६पयनसमुन्धयः (गुणरत्नसूरिवृत्तियुतम , प्र. भारतीय ज्ञानपीठ) mah Clickasana' .. .. ..

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