Book Title: Pannavana Sutra
Author(s): Shyamacharya,
Publisher: ZZZ Unknown
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ता एवंडशवशरमाणियते। एसएएरिया सलारिया से इदावत्रा रिसिम् पंस्मरण] योजावालालसखाताऊवावमारिणामणियानी रात सिग सात अराएं का दस ग्या मासमुग्धात मादा सम्राशातयाला लस म्रग्यावरण यस माझ्या अक्सारसमुग्णात सामादयारा रक्तार२दिता अप्पावाबऊया वाचल्लावा विसेसा दिया वा गा सोदाजावा allaleraoस मग तय एकादस यामासमुग्ण ऐसामा दया विरससादि यालाल कसायांसामा दवा शिरसा दिया || असामादयामाखाय बतसिताने रश्याएं को दस मुग्धा ए|माणसखग्दाम । समुया लालसखा एां सामादता समादताय कत || प्यावा बऊ या वाउल्लावारिस सादिया बागा सोगान रश्याला लसणात सामा दया माय समातिएं)। सामादता सोख छाणामारणसमप्यात सामादिता सारा काद सम्रोसामा दयासारखा सामादया सारख्या श
यसम्म ग्याएणसामा राशिससादि।
SIN
Bidisha
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1994956
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