Book Title: Pannavana Sutra
Author(s): Shyamacharya,
Publisher: ZZZ Unknown
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दिवा वरंच्या या मऊद में लस्स साख तिलागास संताचा जासवमा लिय स्तरावरं ऐमरा पचिदियतिरिरकाजाणि मादपिता| अण्याल
देसियरतिपाखरात्र रस्म वतायादारगसम्रग्या एस दिलातापशल हिकर शरशतकाचाकरतिपाखते काम॥ दलिया सहरम तिलागंज के aurसमतिवासमतिए। शतिसमति एवतिकालस्सफामा अरवतात [पायला विकासविता अस्सल
ग) सरीरमा एामात्र) असमविद्या तोडायण) नियम दिसिंएवतिरखे एवाविशदएर विकाल स्पष्फरम कवतिकालस्म नबुझति ॥[गारमा | ऊदाम एं शरला निबूढासमा जातियाना) इंजीवासात्तदतिक्राव्हावेति॥त नाविक किरिएगा। सियतिकरिएसिय३३ किरि सियएव किरियात एंगलात डावावावेडी वार्ड किति तावातावातदजीरा श्रामसिंजा वा एयरा घाएगा। कति किरिया गातिििरयाविव किरिया वि। एव किरिया दिal एवंम पसेर रगगारस्म ऐशानला
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