Book Title: Mahabharat Samhita Part 05
Author(s): Bhandarkar Oriental Research Institute
Publisher: Bhandarkar Oriental Research Institute
View full book text ________________ 113. 82 ] विष्णुपर्व [113. 84 आश्चर्यपर्वमखिलं यो हीदं धारयेन्नृप। नाशुभं प्राप्नुयात्किचिदीर्घमायुरवाप्नुयात् // 82 सूत उवाच / इति पारिक्षितो राजा वैशंपायनभाषितम् / श्रुतवानमलो भूत्वा हरिवंशं द्विजर्षभाः॥ 83 एवं शौनक संक्षेपाद्विस्तरेण तथैव च / प्रोक्ता वै सर्ववंशास्ते किं भूयः कथयामि ते // 84 इति श्रीहरिवंशे त्रयोदशोत्तरशततमोऽध्यायः // 113 // // समाप्तं विष्णुपर्व // -215 -
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