Book Title: Jain Yogki Varnmala
Author(s): Mahapragna Acharya, Vishrutvibhashreeji
Publisher: Jain Vishva Bharati Prakashan

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Page 386
________________ प्राण- केन्द्र प्रेक्षा दस प्राणों के केन्द्र हमारे मस्तिष्क में विद्यमान हैं १. स्पर्शनेन्द्रिय प्राण- ज्ञान केन्द्र और शांति केन्द्र के मध्य | २. रसनेन्द्रिय प्राण–बृहद् मस्तिष्क और लघु मस्तिष्क के संधि स्थल से थोड़ा-सा ऊपर । குழு முரு ३. घ्राणेन्द्रिय प्राण - चाक्षुष केन्द्र की सीध में दाएं भाग में । ४. चक्षुरिन्द्रिय प्राण- ज्ञान केन्द्र के पीछे बृहद् मस्तिष्क के अंत में । 1 ५. श्रोत्रेन्द्रिय प्राण - कनपटी की सीध में । ६. मन प्राण- ज्ञान केन्द्र । ७. भाषा प्राण - रसना केन्द्र के नीचे । ८. शरीर प्राण - मस्तिष्क का बिल्कुल सामने का भाग (फ्रन्टल लॉब)। ६. श्वासोच्छ्वास प्राण - मेडूला ओबलोंगाटा (लघु मस्तिष्क के नीचे और सुषुम्ना शीर्ष के ऊपर) । १०. आयुष्य प्राण- हाइपोथेलेमस (शांति केन्द्र) की सीध में, भीतर गहरे में । इन प्राण - केन्द्रों की क्रमशः प्रेक्षा करें। २५ दिसम्बर २००६ ३८५

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