Book Title: Jain Hiteshi 1914 Ank 07 08
Author(s): Nathuram Premi
Publisher: Jain Granthratna Karyalay

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Page 12
________________ जैनहितैषी काम कैसे शुरू करना चाहिए? ... अन्तमें मैं प्रस्ताव करता हूँ कि जैनोंको एक पुरातत्त्वसंबंधी समिति स्थापित करनी चाहिए जो ऊपर कहे हुए मार्गके अनुसार ऐतिहासिक खोजका कार्यक्रम तैयार करे और आवश्यकतानुसार धन इकट्ठा करे । धनकी मात्रा बहुत होना चाहिए । यदि कोई जैन — कार्यकर्ता, जो काफी योग्यता रखता हो और जिसे जैनसमाजसे वेतन मिलता हो, सरकारी पुरातत्त्वखाते ( Archaeological Survey ) में काम करनेपर नियत कर दिया जाय, तो वह बहुत काम कर सकता है और यह और भी अच्छा होगा कि ऐसे कई कार्यकर्ता सरकारी अफसरोंके निरीक्षणमें काम करें । यदि जैनी उचित समझें, तो इस लेखकी नकल सरकारी पुरातत्त्व-विभागके डाइरेक्टर-जनरलको सूचनाके लिए भेज दें। . अनुवादक,-संशोधक। शांति-वैभव । आत्मनिर्भरताका माहात्म्य । Wree, आत्मविश्वासके लिए आत्मनिर्भरताकी बड़ी ज़रूरत ant है । आत्मनिर्भरताके विना आत्मविश्वास ऐसा ही है जैसा भोजन बनानेका बरतन बिना TEEA भोजनके। आत्मविश्वाससे केवल इस बातका Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org

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