Book Title: Ganitanuyoga
Author(s): Kanhaiyalal Maharaj, Dalsukh Malvania
Publisher: Agam Anuyog Prakashan

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Page 957
________________ ७८२ www पृष्ठ ! अढाई द्वीप वर्णन (पृष्ठ ३७६-३८७ ) ठागांग सूत्र ३७८. ठाणं. ८, ३७८. ३७६. ३७६. ३७६. ३८२. ३८२. ३८२. ३८२. ३८४. ३८५. ३८५. 13 21 सु. १०३ सु. ६६ ३७६. पु. १ ३७६. " सु. ६६ सु. १०३ ७, सु. ५५५ ३७६. " ३७६. ३७६. ३, उ. ४, सु. १६६ ३७६. सु. ५२२ ३८०. २, उ. ३, सु. ८२ ३८०. ६, सु. ६६ ३८०. 13 सु. १०३ ३८०. सु. ८३ ३८०. ७ सु. ५५५ ३८१. २, उ. ३. सु. १०० ३८१. ३८१. सु. १०३ सु. ८४ सु. १०० सु. १०३ 11 11 " 33 " 27 او " 22 "" R: " ३८२. ३८३. ३८३. ३८३. ३८३. "1 ३८३. 31 ३८३. ३८४. ३८४. " 21 11 A 21 21 27 21 " स्थल निर्देश - मध्यलोक २, उ. ३, सु. " " " 11 21 " " "" .. " "" 33 17 सु. ८५ सु. १०० सु. १०३ सु. ८६ सु. ६६ सु. १०३ ܕܙ " 11 सु. ६४१ " 17 11 "1 " ८० 11 सु. ८७ सु. १०० सु. १०३ सु. ६ सु. ६६ सु. १०३ सु.८८ सु. १०० पृष्ठ स्थल निर्देश ३८५. ठाणं. २, उ. ३, सु. १०३ ३८६. ३८६. ३८६. ३८७. ३८७. ३८७. ३८७. ३८७. ३८७. ३८७. ३८७. ३८७. 33 17 " 11 13 " 13 आगमों के स्थल निर्देश " " " 11 " उ. ३, " उ. ३, सु. ९३ सु. ९१ ३८७. सम. १२, सु. ७ 13 37 12 सु. ६० सु. १०० सु. १०३ सु. ६१ सु. १०० सु. १०३ समवायांग सूत्र जीवाभिगम सूत्र ३८७. जीवा. पडि ३, सु. १८६ - मध्यलोक समयक्षेत्र वर्णन (पृष्ठ ३८८-३८९) भगवती सूत्र " सु. ९२ सु. ६३ सु. ६१ ३८८ भग. स. २, उ. ६, सु. १ ३८८. ३८८. ११, उ. १०, सु. २७ ३. उ. १. सु. २४/३ जीवाभिगम सूत्र ३८८. जीवा पडि ३, उ. २, सु. १७७ ३८८. ३८६. " ३८८. सम ६६, सु. १ ३८८. " ४५, ३६, सु. ३८८. " २ 33 समवायांग सूत्र 17 सूर्यप्रज्ञप्ति सूत्र ३८८ सूरिय पा १६, सु. १०० ठाणांग सूत्र ३८. ठाणं. ५, उ. २, सु. ४३४ ,, १०, ३८६. सु. ७६४ ३८६. २. उ. ४, सु. १२२ पृष्ठ ३६०. ३६०. ३६०. ३६०. ३६१. पुष्करोद समुद्र वर्णन (पृष्ठ ३६०-३९१) जीवाभिगम सूत्र ३६०. जीवा. पडि. ३, उ. २, सु. १८७ सु. १५० 11 23 27 " ३६३. ३६३. 13 स्थल निर्देश - मध्यलोक - 31 27 27 11 ३०. सूरिय. पा. १६, सु. १०१ - मध्यलोक " 11 33 सूर्यप्रज्ञप्ति सूत्र 11 वरुणवरद्वीप वर्णन (पृष्ठ ३६१-३९२ ) जीवाभिगम सूत्र ३६१. जीवा. पडि. ३, उ. २, सु. १८० ३१. ३६२. ३६२. 13 परिशिष्ट : ४ 37 31 सूर्यप्रज्ञप्ति सूत्र ३१. सूरिय. पा. १६, सु. १०१ __मध्यलोक_ 13 17 33 " वरुगोद समुद्र वर्णन (पृष्ठ ३९२-१९२) जीवाभिगम सूत्र सूर्यप्रज्ञप्ति सूत्र ३६२. सूरिय. पा. १६, सु. १०१ " ३९२ जीवा डि . २. सु. १०६ ३६३. सु. १५० 11 सु. १८७

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