Book Title: Bhugol Vigyan Samiksha
Author(s): Rudradev Tripathi
Publisher: Punamchand Panachand Shah

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Page 15
________________ ( १० ) इसके अनुसार देश और क्षेत्र भेद होने के कारण उदयअस्त का भेद होता है । और इसी से कालभेद होता है । प्रथम प्रहर आदि काल जम्बूद्वीप के दो विभागों में एक साथ प्राप्त हो सकते हैं । इस प्रकार देशभेद से प्रत्येक काल ( जम्बूद्वीपादि ) प्राप्त होता है । भावना - जैसे कि भारत में जिस स्थान से सूर्योदय होता है, वहाँ से दूर पीछे के लोगों के लिये वही अस्तकाल माना जाता है । उदयस्थान और अस्तस्थान के मध्यभाग में बसने वालों के लिये यही काल मध्याह्न समय माना जाता है । इसी प्रकार यह काल किसी के लिये पहला प्रहर किसी के लिये दूसरा प्रहर, किसी के लिये तीसरा प्रहर, किसी स्थान पर मध्यरात्रि तो किसी स्थान पर सन्ध्या का समय भी होगा । इस प्रकार की विचारणा से आठों प्रहर सम्बन्धी काल एक साथ मिल सकेगा । जम्बूद्वीप स्थित मेरु पर्वत के चारों ओर सूर्य के परिभ्रमरण द्वारा काल को आठ प्रहर के समय की *जह जह समये पुरी, संचरइ भक्खरो गयणे । तह तह इम्रो विनियमा, जायइ रयणीइ भावत्थो । एवं च सइ नराणं, उदयत्थमरणारिंग हीति नियमाँइ । सइ देसकाले भेए, कस्सइ किचिवि दिस्सए नियमा ॥ श्री भगवती सूत्र वृत्ति शतक ५ उद्ददेश १ www.umaragyanbhandar.com Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat

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