Book Title: Atmanand Prakash Pustak 045 Ank 05
Author(s): Jain Atmanand Sabha Bhavnagar
Publisher: Jain Atmanand Sabha Bhavnagar
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२-८-०
५० पंचसंग्रह प्रथम भाग
३-८-०] ७२ योगदर्शन ५१ सुकृतसंकीर्तन महाकाव्यम्
०-८-० | ७३ मंडळ प्रकरण ५२ प्राचीन चार कर्मग्रंथ सटीक
७४ देवेन्द्र नरकेन्द्र प्रकरण ५३ संबोधसित्तरी
०-१०-० ७५ चन्द्रवीर शुभा कथा ५४ कुबलयमाळा
१-८-० ७६ जैन मेघदूत ५५ सामाचारी प्रकरण
०-८-० ७७ श्रावक धर्म विधि प्रकरण ५६ करुणावज्रायुद्ध नाटक
०-४-. | ७८ गुरुतत्त्वविनिश्चथ ५७ कुमारपाळ महाकाव्यम्
०-८-० ७९ देवेन्द्र स्तुति चतुर्विंशतिका ५८ श्री महावीर चरित्र
१-०-० | ८० वसुदेव हिन्दी प्रथम खंड ५९ कौमुदी मित्राणंद नाटकम्
४८९ , द्वितीय खंड
३-९-० ६० प्रबुद्धरोहिणेयम्
०-५-० ८२ बृहतकल्प सूत्रम् पिठीका प्रथम भाग ६१ धर्माभ्युदयम्
०-४- ० | ८३ ८३
, द्वितीय भाग ६२ पंचनिन्थी प्रज्ञापना तृतीय पाद
x८४
तृतीय भाग ५-८-० संग्रहणी प्रकरण ०-६-०८५ सटीक चत्वार कर्मग्रंथ ६३ रयणसेहरी कथा
०-६-० ४८६
पंचम षष्ठकर्मग्रंथ ४-०-० ६४ सिद्धप्रामृत सटीकम्
०-१०- ०४८७ बृहतकल्प भाग चोथो
६-४-० ६५ दानप्रदीप
२-०-. x८८ , पांचमो ६६ बंधहेतूदयत्रिभंगी प्रकरण
| ८९ सकलार्हत स्तोत्रम् ६७ धर्मपरीक्षा
| ९० बृहतकल्प भाग छट्टो (हवे तुरतमां ६८ सप्ततिशत स्थान प्रकरण
प्रसिद्ध थशे) x६९ चैत्यवंदन महाभाष्य १-१२-०४९१ कहारयण कोहो ग्लेइझ
८-८-० ७० प्रश्नपद्धति
०-२-०
लेझर x७१ श्री कल्पसूत्र किरणावली
अम्ल्य
१-०-०
१-०-०
१०-०-०
श्री आत्मानंद जन्म शताब्दिसीरीझ.
१वीतराग स्तोत्र
२ प्राकृत व्याकरण x३ ब्रह्मचर्य चारित्र पूजा x४ विजयानंदसूरि ४५ नवस्मरण स्तोत्र संग्रह
| ६ वीतराग महादेव स्तोत्र '४७ त्रिषष्टि शलाका पुरुष चरित्र पर्व १ढुंबुकाकारे १-८-० |८ , , , पर्व बीजूं, त्रीजु, चोथु,
पांचमुं विगेरे छपाय छे.
०-२-०
-८-० ०-८-०
* प्राकृत-संस्कृत मूळ ग्रंथो तो प्रथम पुरती सहाय जैमां मळेली ते ते ग्रंथो दरेक समुदायना गुरु महाराज के म्होटा मुख्य मुनिराजोनी सम्मतिथी मुनि महाराजो वगेरेने शुमारे पचीश हजार रुपीयाना ग्रंथो (भंडारो वगेरेने) विना मूल्ये भेट आपेला छे.
- आ निशानीवाळा ग्रंथो मळे छे, बीजा सीलीके नथी.
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