Book Title: Arhat Vachan 1999 04
Author(s): Anupam Jain
Publisher: Kundkund Gyanpith Indore

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Page 33
________________ राजाराम जैन, 2. जैन साहित्य का इतिहास : पं. कैलाशचंद्र शास्त्री, भा. दि. जैन संघ, मथुरा 3. Buddhista India - Rice Davis 4. Jainism In North India-C.J. Shah 5. बृहत्कथाकोष: हरिषेणाचार्य 6. प्राचीन भारत में राजनीतिक विचार एवम् संस्थाये: रामशरण शर्मा 7. प्राचीन भारत में भौतिक प्रगति एवम् सामाजिक संरचनाएं: रामशरण शर्मा 8. भारत का इतिहास : रोमिला थापर, राजकमल 9. 'अर्थशास्त्र ऑफ कौटिल्य' : संपादक आर. श्याम शास्त्री 10. 'चाणक्य नीति' : प. विष्णुशर्मा विशेष : आचार्य चाणक्य की जीवनी पर कई कथाएं प्रचलित हैं, जिनका जैन और बौद्ध कथाओं में बहुत कुछ साम्य है किन्तु वैदिक कथाओं में भिन्नता है उस पर अलग से विचार किया जा सकता है। आश्चर्य की बात है कि युनानी, चीनी, तिब्बती व श्रीलंकाई संदर्भ भारत के प्राचीन इतिहास पर बहुत कुछ प्रकाश डालतेहैं किन्तु भारतीय संदर्भ मौन हैं, जो हैं वे भी विरोधाभासी हैं। स्वतंत्रता के 50 वर्षों के बाद भी भारत का इतिहास विशेषकर सांस्कृतिक इतिहास आज भी निष्पक्ष विचारकों और इतिहासकारों से शोध की मांग करता है। सन्दर्भ स्थल: 1. The Buddhista India, Rice Devis, 14. वही, 4/1 P. 164. वही, 5/12 2. चाणक्य नीति, विष्णु शर्मा, अध्याय-1, वही, 5/13 श्लोक - 1, संक्षिप्त: 1/1 17. वही, 6/1 3. वही, 8/21 वही, 6/9 वही, 16/14 वही, 7/19 वही, 6/18 वही, 7/20 वही, 6/20 वही, 9/1 वही, 17/12 वही, 13/11 वही, 10/15 वही, 13/12 वही, 1/2 वही, 14/3 वही, 3/11 वही, ...... वही,3/20 वही, 15/1 वही, 13/17 वही, 15/12 वही, 10/2 15. 16. प्राप्त - 13.2.99 अर्हत् वचन, अप्रैल 99 31

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