Book Title: Arhat Vachan 1999 01
Author(s): Anupam Jain
Publisher: Kundkund Gyanpith Indore

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Page 105
________________ सम्मेलन में ज्ञानपीठ के प्रकाशनों का विमोचन कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ की शोध त्रैमासिकी 'अर्हत् वचन' के 40वें अंक का विमोचन करते हुए कुरुक्षेत्र वि.वि. के कुलपति प्रो. एम. एल. रंगा (दायें) एवं समीप हैं सम्पादक मण्डल के सदस्य प्रो. सुरेशचन्द्र अग्रवाल (मेरठ), सम्पादक डॉ. अनुपम जैन (इन्दौर) एवं सन्मति वाणी मासिक के सम्पादक श्री जयसेन जैन (इन्दौर) श्री बाबूलाल तोतारामजी लुहाड़िया के आर्थिक सहयोग से कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ, इन्दौर द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'जैनधर्म : विश्वधर्म' का विमोचन करते हुए मैसूर वि.वि., मैसूर के कुलपति प्रो. एस. एन. हेगड़े। समीप खड़े हैं लेखक पं. नाथूराम डोंगरीय जैन (इन्दौर) एवं कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ के सचिव डॉ. अनुपम जैन (इन्दौर)

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