Book Title: Arhat Vachan 1999 01
Author(s): Anupam Jain
Publisher: Kundkund Gyanpith Indore

View full book text
Previous | Next

Page 110
________________ शोक प्रस्ताव प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी, टाइम्स ऑफ इण्डिया समाचार पत्र समूह के अध्यक्ष, भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष एवं देश की अनेकों धार्मिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं के अध्यक्ष / संरक्षक / प्रेरक साहू अशोककुमारजी जैन का असामयिक निधन 4 फरवरी 1999 को क्लीवलैण्ड - अमेरिका में भारतीय समयानुसार प्रात: लगभग 3 बजे हो गया है। 65 वर्षीय श्री जैन के निधन से न केवल जैन अपितु सम्पूर्ण भारतीय शैक्षणिक जगत की अपूरणीय क्षति हई है। देश के प्रतिष्ठित अकादमिक संस्थान भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा प्रवर्तित भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय भाषाओं में रचनात्मक लेखन का सर्वोच्च एवं सर्वाधिक प्रतिष्ठित पुरस्कार है। . कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ की गतिविधियों में उनकी सदैव से विशिष्ट अभिरूचि रही है। 6 मई 1995 को वे स्वयं कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ पुस्तकालय में पधारे थे एवं यहाँ की गतिविधियों तथा शोध पत्रिका की मुक्त कंठ से प्रशंसा की थी। कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ परिवार की यह सभा दिवंगत आत्मा की मुक्ति एवं शोक संतप्त परिवार को धैर्य प्राप्त होने की कामना करती है। इन्दौर, 5 फरवरी 99, मध्यान्ह 3.30 कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ परिवार अतिथि पुस्तिका में उनके द्वारा अंकित अभिमत की प्रतिलिपि नीचे प्रस्तुत TA TRIBEDDITOR: 300HR o marate mnute AAPart 13 कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ के द्वारा इतिहास, दर्शन आदि के अनेक क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। इसके मुख पत्र द्वारा भी बहुत ही पठनीय सामग्री प्राप्त होती है जिसे मैं बराबर देखता हूँ। श्री देवकुमारसिंहजी को और श्री अनुपमजी को इस सुन्दर अनुकरणीय कार्य के लिये बहुत बधाई। 6 मई 95 अशोककुमार जैन

Loading...

Page Navigation
1 ... 108 109 110 111 112