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________________ श्रीभगवत्यङ्गं श्रीअभय वृत्तियुतम् भाग-२ // 946 // उक्कोसेणं संखेज्जा वा असंखेज्जा वा अणंता वा। 17 एगमेगस्स णं भंते! असुरकुमारस्स के० ओ०पो०?, एवं चेव, एवं जाव वेमाणियस्स।१९एगमेगस्सणं भंते! नेरइयस्स के० वेउव्वियपो०प०अतीया?, अणंता, एवं जहेव ओ०पो०प० तहेव वेपोप.वि भाणियव्वा, एवं जाव वेमाणियस्स आणापाणुपोग्गलपरियट्टा, एते एगत्तिया सत्त दंडगा भवंति / नेरइयाणंभंते! के० ओ० पो०प० अतीता?, गोयमा अनंता, के० पुरेक्खडा?, अणंता, एवं जाव वेमा०, एवं वे०पो०प०वि एवं जाव आणा.पो०प० वेमाणियाणं, एवं एए पोहत्तिया सत्त चउव्वीसतिदंडगा // 20 एगमेगस्स णं भंते! नेरइयस्स नेरइयते केवतिया ओ०पो०प० अतीता?, नस्थि एकोवि, के० पुरेक्खडा?, नत्थि एकोवि, 21 एगमेगस्स णं भंते! नेरइयस्स असुरकुमारत्ते के० ओ०पो०प० एवं चेव एवं जाव थणियकुमारत्ते जहा असुरकुमारत्ते / 22 एगमेगस्स णं भंते! नेरइयस्स पुढविक्काइयत्ते के० ओ०पो०प० अतीता?, अणंता, के. पुरेक्खडा?, कस्सइ अस्थि कस्सइ नत्थि जस्सत्थि तस्सज एक्कोवा दो वा तिन्नि वाउ० संखेना वा असंखेज्जा वा अणंता वा एवं जाव मणुस्सत्ते, वाणमंतरजोइसियवेमाणियत्ते जहा असुरकुमारत्ते / 23 एगमेगस्स णं भंते! असुरकुमारस्स नेरइयत्ते के० अतीया ओ०पो०प० एवं जहा नेरइयस्स वत्तव्वया भणिया तहा असुरकुमारस्सवि भाणियव्वा जाव वेमाणि०, एवं जाव थणियकुमारस्स, एवं पुढविकाइयस्सवि, एवं जाव वेमाणियस्स, सव्वेसिं एक्को गमो। 24 एगमेगस्स णं भंते! नेरइयस्स नेर० केव० वेउ० पो०प० अतीया?, अणंता, के० पुरेक्खडा?, एकोत्तरिया जाव अणंता, एवं जाव थणियकुमारत्ते, 25 पुढवीकाइयत्तेपुच्छा, नत्थि एक्कोवि, के० पुरेक्खडा?, नत्थि एक्कोवि, एवं जत्थ वेउव्वियसरीरं अत्थि तत्थ एगुत्तरिओ जत्थ नत्थि तत्थ जहा पुढविकाइयत्ते तहा भाणियव्वं, जाववेमाणियस्सवेमाणियत्ते / तेयापो परियट्टा कम्मापो॰परियट्टा यसव्वत्थ एक्कोत्तरिया भाणियव्वा, मणपो परियट्टा सव्वेसु पंचिंदिएसु एगोत्तरिया, विगलिंदिएसु नत्थि, वइपो॰परियट्टा एवं चेव, नवरं एगिदिएसु नत्थि भाणियव्वा / 12 शतके उद्देशकः 4 पुद्रलाधिकारः। सूत्रम् 446 परमाणुनां संयोगभेदेन पुद्गलपरावतः तत्प्रकारश्वादिप्रश्नाः। नै०असु० आदीनामेकैकनै०असु० आदीनाच औदा वै० आदि पु०परा० आदिप्रश्नाः। // 946 //
SR No.600444
Book TitleVyakhyapragnaptisutram Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDivyakirtivijay
PublisherShripalnagar Jain Shwetambar Murtipujak Derasar Trust
Publication Year2012
Total Pages574
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript & agam_bhagwati
File Size15 MB
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