________________ I 61 // CA%E0 RECAUCAE% A मेघकुमारस्य वृद्धमहिलाप्रदत्ताआशिर्वादाः। चउरंगदलसमेओ अमेयरिद्धीए सेणिओ राया / अणुगच्छइ तो मंगलगहीरबजंततूरेण // 882 / / संवरपरिणामेणं मेहकुमारेण बहुरए हरिए / मुहचंदचंदिमाए विप्फुरियं तो किमच्छरियं ? // 883 // संजमगिरिसिहरट्ठियसमयं दट्टण सवभावेसु / गयराओ इव दाणं दितो तं होसि गयराओ॥ 884 // तवतिवखग्गहत्थो अविहत्थो नायसवपरमत्थो / जिणिऊण मोहरायं जगपडायं तुम हरसु // 885 // सयलकिरियापएसुं काउं पट्ठीए सबमुवसगं। वक्कविसुद्धिं नाउं सुसाहुसदं पयासेसु // 886 // परिचत्तलोहबंधं विसिद्धकट्ठोवओगसंजुत्तं / चारित्तजाणवतं आरूढो तरसु भवजलहिं // 887 // अयले तुमंमि इंदियदंती विसयाण विसहराणं व / संभवउ दप्पसमणी निद्धसही नागदमणीए // 888 // संसारे कंतारे उवसमरसपूरपूरिए &aa झत्ति / मेहे तुमंमि गुणवणदावो कोवो सया समउ / / 889 // मद्दवमयंददलिए माणगइंदंमि दुद्दमे तुज्झ / होउ सुहाणं लाहो निविग्धं मुत्तियफलाणं // 890 // आमूलाओ दज्झउ अजवबजासणीनिवाएण / मायावंसकुडंगी सिवपहरोहंमि गुविलंगी // 891 // भवचारयंमि तुट्टउ झडत्ति तुह लोहसंकलाबंधो / संतुट्ठिवजलढिप्पहारसयखंडजजरिओ // 892 // एवं आसीसाओ विम्हयकंपंतसेयसीसाओ। महिला मालारूढा वुड्डा वियरंति कुमरस्स // 893 // उदयगिरिसिहरसरीसं विवेयरविणो रुईहि रमणीयं / पियसहि ! पिच्छसु निउणं मेहकुमारस्स मणिमउडं // 894 // रयणमयकुंडलाई इमस्स सम्म निरिक्खह सहीओ। तिमिरहराणि व कन्नावलग्गसिरिवीरवयणाई // 895 // सक्खं जिणिंदसिक्खा दक्खा संसारतावहरणंमि / वसई हिययंमि मोत्तियहारमिसेणं पियसहीओ! // 896 / / संवेगमंदरेणं निम्महिए एस भवसमुइंमि / उवसमसुहाए सित्तो नजइ चंदणरसालिद्धो // 897 // कुंदकलिउजलाई इमस्स अंगमि देवदसाइं / गिहमोहजलहितरणे विलग्गडिंडीर C %A5- 1400 %E0A5 // 61 //