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________________ श्री जयन्ती प्रकरणवृतिः / फल्लिङ्मल्लमच्छियमल्लयुद्धं सोपारके नगरे। &I // 124 // A%ASAGAR तो तेण अट्टणेणं नामेण दरिल्लवियागामो। दिट्ठो हलिओ खेत्ते वाहतो लंगलं एको // 53 // वामकरगहियपवयणहलरासी दक्खिणेण फलिहीओ। उक्खिणइ वेगमगं अकुणंतो मत्थए चित्तुं // 54 // सविहे तत्थाऽऽवासइ तरुणो हिट्ठा निरिक्खिउं तस्स / आहाराइचिट्ठ हिट्ठो तो अट्टणो मल्लो // 55 // अह तस्स एह भत्तं पत्थो कूरस्स कंजियघडो य / छच्चं च भजियाए भुत्ते पिच्छेइ नीहारं // 56 // संवट्टियं पलोइय संभासह एस करिसगं एयं / एरिसयं तुज्झ बलं तो किं वाहेसि ? पुत्त ! हलं॥ 57 // जइ होसि मज्झ पुत्तो अपडिमल्लो तुम महामल्लो / लच्छीसहिओ भोगोवभोगसुहिओ सया होसि // 58 // जं भणसि तमहं करेमि किं पुण कुडम्बयं मज्झ / कहमिह सुहियं होही ? इय जपइ करिसगो तयणु // 59 // तो अट्टणेण भणियं जणणीपमुहं कुडम्बयं तुज्झ / दाऊण बहुं कणयं अहं करिस्सं अदालिदं // 60 // पडिपन्नपुत्तभावो तो एसो अट्टणेण उज्जेणिं / निओ वमणविरेयणअभंगणमद्दणाईहिं // 61 // उवयअिसे विविहेहिं सिणिद्धआहारओसहगुणेहिं / उवचियअंगोवंगो सुसिक्खिओ मल्लजुद्धम्मि // 62 // विक्खाओ नयरीए मज्झे मल्लाण फलिहमल्लो त्ति / सीहरहेणवि रमा मच्छियमल्लो दिढो दुविओ // 63 // तचो कत्तियमासे नयरे सोपारयम्मि मल्लच्छणे / अट्टणमल्लो सद्धिं गच्छा सो फलिहमल्लेण // 64 // तयणु नरिंदे नरवाहणम्मि सिंहासणम्मि आसीणे / पविसंति रंगमज्झे मच्छियमल्लो फलिहमल्लो // 65 // तत्तो जुझंताणं नियुद्धकुसलाण ताण दुण्डं पि / वट्टइ महापबंधो पढमे दिवसम्मि चिरकालं // 66 // करताडणेण गयणं गजइ पयपायकंपिया पुहवी / धावणदेवणवग्गणकसरियाईहिं बंधेहि / / 67 // जुद्धं तं संजायं | जेण सो सयलपेच्छयो लोओ। चित्तलिहिओ व थंभियमुच्छियभूयो व संजाओ // 68 // तत्तो एको अजिओ अबरो CAREERACK M // 124 //
SR No.600402
Book TitleJayanti Charitram
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMalayprabhsuri, Vijayakumudsuri
PublisherManivijay Ganivar Granthmala
Publication Year1950
Total Pages338
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript
File Size28 MB
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