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________________ श्रीअमम जिन // 128|| चरित्रम् अश्वावबोधार्थ भृगुपुरं गमनम् | द्रियन्ते स्म विविक्ताः स्वीयशक्तितः // 10 // एकस्याश्वप्रकाण्डस्य विज्ञायोपकृति ततः। विहृत्यैकप्रयाणेनाक्रम्य मा पष्टियोजनाम् | | // 91 / / आगाद् विभु गुपुरं सहितः सुरपर्षदा / स्ववासिनां चतुर्वर्ग ददत् स्वर्ग जिगाय तत् // 92 // यसिन् मणिमयोत्तुंगभंगप्रासादमध्यगाः / नराः सुरासुरपुरावासानाशासते न हि // 93 / / प्राप्ताः पणायितुं यस्मिन्ननार्या अपि कौतुकम् / आर्याः क्रियन्ते तद्भाषाविदुरैश्चतुरैर्जनैः // 94 // तस्योपान्ते श्रिया कान्ते नाम्ना कोरण्टकाभिधे / उद्याने समवासार्षीद् विंशः श्रीमान जिनेश्वरः // 95 / / तन्नियुक्तैनरैरेत्य जितशत्रुर्नृपस्तदा / आगमेन जिनेन्द्रस्याऽवर्द्धि वर्द्धितसम्मदैः / / 96 // दत्वा तेभ्यः प्रीतिदानं समादिश्योत्सवं पुरे। आज्ञाप्य पटहैः पौरान स्नात्वा च कृतमंगलः // 97 // श्रीखण्डलिप्तः कस्तूरीतिलकश्चारुभूपणः / दिव्यांशुकः सितच्छत्रो वारस्त्रीधूतचामरः // 98 // फेनपिण्डोज्वलमुखप्रौढहेषारवच्छलात् / आपूरयन्तं मांगल्यपाश्चजन्यमिवोद्भटम् // 99 // इन्दुना स्फाटिकादर्शमूर्तिना चामरच्छलात / करैः कर्णान्तयोलग्नेरर्थ्यमानमिवागमे // 30 // रत्नकल्याणपल्याणच्छद्मना रत्नसानुना। अधिष्ठितप्रष्टपृष्ठ | लघूभूयेव कौतुकात् // 1 // वाजिनं जात्यमारुह्य जितशत्रुनेरेश्वरः। आगादन्तःपुरैः पौर: सहितो वन्दितुं प्रभुम // 2 // प. कु.॥ | तुरगादवतीर्याथ विहिताभिगमो नृपः / वन्दित्वा विधिवन्नाथमशृणोद् धर्मदेशनाम् / / 3 / / चित्रन्यस्त इवोत्कीर्ण इव स्तम्भितव| त्तदा / वज्रलेपकृत इवानन्दनिःस्पन्दविग्रहः // 4 / / विविक्त इव विस्फार्य कर्णशुक्ती निपीतवान् / तां प्रभोक्सुिधां राजतुरंगो रंगतोऽधिकम् // 5 / / युग्मम् / / इन्द्रो गणाधीपोऽप्राक्षीनत्वा तत्समये जिनम् / स्वामिन् समवसरणे कोऽत्र धर्म प्रपन्नवान् // 6 // प्रत्यूचे भगवानव न धर्म कोऽप्युपाददे / जितशत्रोर्महीशस्य विनैकं पट्टवाजिनम् // 7 // राजा सविस्मयोऽप्राक्षीत्सश्रद्धः शुद्धमानसः। | हृष्टो मदश्वोऽद्याऽभूत् यत्तत् कोऽसौ प्राग्भवे प्रभो! // 8 // सर्ग-४ // 128 //
SR No.600399
Book TitleBhavi Jineshwar Amamswami Charitra Mahakavya Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMuniratnasuri, Vijaykumudsuri
PublisherManivijay Ganivar Granthmala
Publication Year1942
Total Pages306
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript
File Size28 MB
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