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________________ शील रक्षा द्वितीय भाग। अर्थात् सुदर्शन सेठ चरित्र ( काव्य) ( दीप कवि रचित) क्या आप ने शील शिरोमणी सुदर्शन सेठ का नाम नहीं सुना? लीजिये उनहीं का यह चरित्र हैं। सुदर्शन सेठ एक वीर शिरोमाण होने से दोनों उपसर्गों में शील को कायम रक्खा, तो शूली का कष्ट भी सिंहासन के रूप में परिवर्तित हो गया। साथ में उनकी पत्नी ने ऐसे कष्ट में भी धैर्य रख कर परमेष्टी मंत्र का जाप किया है। यह खास विचाय है मनुष्य मात्र को पढ़कर लाभ उठाना चाहिये, छपाई व टाइटल पेंज उत्तम मूल्य केवल १ प्रति और ११ प्रति १) मात्र, "जैन" भावनगर-श्रामा सुदर्शन सेठनुं शील वर्णन घणीज सारी रीते बांचनारने रस पडे तेवा काव्यमां रचबामां आवेल छे आदि। . (१) स्तवन तरङ्गिणी प्रथम भाग) द्वितीय भाग) (२) शालोपयोगी जैन प्रश्नोत्तर भाग १-२ मूल्य ) (३) सौतिया डाह-एक बहुत ही रोचक उपन्यास मातादीनजी मिश्र द्वारा अनुवादित । मूल्य १ प्रति
SR No.600357
Book TitleJambu Gun Ratnamala
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJethmal Choradia
PublisherJain Dharmik Gyan Varddhani Sabha
Publication Year1920
Total Pages96
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript
File Size6 MB
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