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दावि असंखा पुरिसजुगा होति णायव्वा ।।३जाव य लक्खा चोइस सिद्धा पण्णास होति सबढ़े। पण्णासटाणेवि य पुरिसजुगा होति
काचित्रान्तर
8 गण्डिका नन्दाचूणा संखेज्जा ॥४॥ एगुत्तरा दुलक्या सव्वट्ठाणे व जाव पण्णासा। एकेक्कुत्तरठाणे परिसजुगा हॉतिऽसंखेज्जा ॥५॥ विपरीयं सम्बहे|
चोदसलक्खा य निव्वुओ एगो। सच्चेव य परिवाडी पण्णासा जाव सिद्धीए ॥६॥ तेण परं लक्खादि दो दो ठाणा य समग वच्चति । | सिवगतिसव्वडेहिं इणमो तासिं विधी होइ ॥ ७॥ दो लक्खा सिद्धीए दो लक्खा णरवदीण सबढे । एवं तिलक्खचड पंच जाव लक्खा | असंखेज्जा ॥८॥ सिवगविसबहिं चित्तरगंडिता ततो चउरो । एगा एगुत्तरिया एगादि बितिउत्तरा तइया ॥९॥ ततिएगादि तिओलात्तर तिगमादि ओत्तरा चउत्थे य। पढमाए सिद्धेको दोण्णि य सव्वट्ठसिद्धमि ॥१०॥तत्तो तिणि णरिंदा सिद्धा चत्तारि होंति सव्वहे। इय | जाव असंखेज्जा सिवगतिसव्व? सिद्धेहिं ॥ ११ ॥ ताए बिउत्तराए सिद्धेको तिण्णि होति सबढे । एवं पंच य सत्त व जाव
असंखेज्ज दो तिमि ॥ १२ ॥ एग चउ सत्त दसगं नाव असंखेज्ज होंति दो तिण्णि | सिवगतिसव्वद्वेहिं तिउत्तरा एत्थ णेयव्वा ॥१३॥ है ताहे तियगादिविउत्तराए अऊणतीसं तु तियग ठावे । पढमे उ णत्थि खेवो सेसेसु इमे भवे खेवा ॥ १४ ॥'दुग पण मवर्ग तेरस सत्तर
स दुवीस छकंच अडेव । वारस चोइस अथ अठ्ठवीस छब्बीस पणुवीसा ॥ १५ ॥ एकारस तेवीसा सीयाला सतरि सतहत्तरी तहय । |इग दुग सत्तासीती एगत्तरिमेव छावडी ॥ १६ ॥ अउणत्तरि चवीसा बायालसयं तहेव छब्बीसा । एए रासीक्खेवा विगतता जहाक-14 | मसो ॥१७॥ सिवगतिसब्बोहिं दो दो ठाण विसमुत्तरा णेया ॥ जावूणतीसठाणे उणतीसं पुण छवीसाए ॥१८॥ विसमुत्तरा य पढमे |एवमसंखविसमुत्तरा णेया। सव्वकृवि अंतिलं अण्णाए आदिमं ठाणं ॥१९॥ अउणत्तीसं वारा ठावे णत्थि पढम पक्खेवो । सेसे सगवीसाए | सव्वत्थ दुगादिक्खवो ॥२०॥ सिवगतिपढमादीए वितिवाए तह व होति सबढ़े। इय एगसरियाई सिकाविसबाठापाई ॥२१॥
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