________________
झाब्दार्थ
49 अनुवादक-बालब्रह्मचारी मुनि श्री अमोलक ऋषिजी -
क्रोड १० होवे द. दशाने तं. वह पा. सागरोपम का ए. एक भ० होवे प. परिमाण ए. इन सा० सागरोपम का प० प्रमाण से च० चार सा. सागरोपम क्रोडा क्रोड का का० काल मु. मुषम सुषमा ति. तीन सा० सागरोपम को कोडा कोडी का० काल सु. सुषम दो दो सागरोपम को० क्रोडा कोड काल सु० सुषम दुषम ए० एक सा० सागरोपम को क्रोडा क्रोड में बा० बीयालीस वा० वर्ष सहस्र उ०१ कम का० काल दु० दुषम सुषमा ए० इक्कीस वा० वर्ष सहस्र का काल दु० दुषम ए• इक्कीस वा० वर्ष
रोवमकोडाकोडीओ कालो सुसमदुसमा, एगा सागरोवमकोडाकोडीओ बायालीसए वाससहस्सेहिं जाणिया कालो दुसम सुसमा, एकवीसं वाससहस्साई कालो दुसमा, एक्कवीसं वाससहस्साई कालो दुसमदुसमा, पुणरवि उस्सप्पिणीए एकवीसं वास
सहस्साई कालो दुसमदुसमा, एकवीसं वास सहस्साई कालो दुसमा जाव चत्वारि होता है, एक क्रोडाफोड सागरोपम में बीयालीस हजार वर्ष कम का चौथा दुषम सुषम, इक्कीस हजार वर्ष का दुषम और इक्कीस हजार वर्ष का दुषम दुषम नामक छठा आरा होता है. ऐसे ही उत्सर्पिणी काल के छ आरे इक्कीस हजार वर्ष का दुषमादुषम, इक्कीस हजार वर्ष का दूसरा दुषम, बीयालीस हजार वर्ष कम एक क्रोडाकोड मागरोपम का दुषम गुपम नामक तीसरा, दो क्रोडाक्रोड सागरोपम का सफर दुषम. तीन क्रोडाक्रोड सागरोपम का सुषम और चार फ्रोडाक्रोड सागरोपम का सुषममुषम. इस
*प्रकाशक राजाबहादुर लाला सुखदेवसहायजी ज्वालाप्रसादजी*
भावार्थ