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शब्दार्थ के क० कितने ना० नाम गो० गौतम अ० आठ क. कृष्णराजी मे० मेघराजी म० मया मा० माघवती
G/RT० वातफलिह वा० वातपरिक्षोभ दे. देवफलिह दे० देवपरिक्षोभ ॥ २३ ॥ क. कृष्णराजियों का भ.,
भगवन कि क्या पु० पृथ्वी परिणाम आ० अप् जी. जीव पो० पुद्गल परिणाम गो० गौतम पु० पृथ्वी परिणाम नो नहीं आ० अप् परिणाम जी० जीव परिणाम पो० पुगल परिणाम ॥ २४ ॥ क. कृष्ण राजी में भं भगवन् स. सब पा० प्राण भू० भूत जी. जीव स• सत्व उ० उत्पन्न पु० पूर्व हं० हा गोई
नामधेजा पण्णत्ता तंजहा कण्हराईइवा, मेहराईइवा, मघाइवा, माघबईइवा, वायफलिहा इवा, वायफलिक्खोभाइवा, देबफलिहाइवा, देवफालिक्खोभाइवा ॥२३॥ कण्हराईओणं । भंते ! किं पुढवि परिणामाओ, आउ जीव पोग्गल परिणामाओ ? गोयमा ! पुढवि परिणामाओवि, नो आउपरिणामाओ जीव परिणामाओवि, पोग्गलपरिणामाओवि॥२४॥कण्हरा
ईसुणंभंते! सब्वे पाणा भूया जीवा सत्ता उबवण्ण पुल्या? हंता गोयमा! असई अदुवाअणंतकृष्णराजियों के आठ नाम कहे हैं ? कृष्णराजि, मेघराजि, मघा, माधवती, वातफलिह, वातपरिक्षोभ, ई० देवफलिह, देवपरिक्षोभ ॥ २३ ॥ अहो भगवन् ! क्या कृष्णराजियों पृथ्वी परिणामवाली है, या अX जीव व पुद्गल परिणामवाली हैं ? अहो भगवन् ! कृष्णराजियों पृथ्वी परिणामवाली हैं वैसेही जीव व पुद्गल परिणामवाली हैं परंतु अपू परिणामवाली नहीं हैं ॥ २४ ॥ अहो भगवन् ! कृष्णराजि में सब प्राण भूत,
48408 पंचमांग विवाह पण्णत्ति ( भगवती ) मूत्र
18074 छठा शतक का पांचवा उद्देशा 83400
भावारी