SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 2167
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ 4 8 शब्दाथा 4त. तब तक उस के दा० पुत्र के अ० मातपिता णा० नाम क० करेंगे म. महापद्म ॥ १६५ ।। त० तब ०म० महापद्म दा• पुत्रके अ० मातपिता सा • साधिक अ० आठवर्ष जा० जानकर सो• अच्छी तिथि क. करण दि० दिन ण नक्षत्र मु• मुहूर्त म० वडे रा० राज्याभिषेक से अ० अभिषेक किया से० वह त. वहां रा० राजा भ० होगा म. बडा हिमवंत जा० यावत् वि. विचरेगा ॥ १६६ ॥ त० तब तक उस इमरस दारगस्स णामधेचं महापउमे महापउमे॥१६४॥तएणं तस्स दारगस्स अम्मापिय- . रो णामधेनं करोहिंति महापउमे महापउमे ॥ १६५ ॥ तएण महापउमं दारगं अम्मापियरो सातिरेगट्ठवासजायगं जाणित्ता सोभणसि तिहिकरणदिवसणक्ख. त्तमुहत्तंसि महया महया रायाभिसेगेणं अमिसिंचेहिंति । सेणं तत्थ राया भविस्सइ महयाहिमवंत वण्णओ जाब विहरिस्सइ ॥ १६६ ॥ तएणं तस्स महापउमस्स भावार्थ इस पुत्र का नाम महापन होवो ॥ १६४ ॥ उस दिन से उस के मात पिता उस बच्चे का नाम महापद्य , कहेंगे ॥ १६५ ॥ महापन कुमार को साधिक आठ वर्ष का जानकर उस के मात पिता शुभ तिथि, ॐकरण, दिन, नक्षत्र, व मुहूर्त में बड़ा राज्याभिषेक करेंगे और उस दिन से वह महा हिमवन्त समान यावर राजा वना हुवा विनरेगा ॥ १६६ ॥ फीर एकदा महा९इ.कुमार को पूर्णभद्र व माणभद्र ऐसे दो देव 48 पंचमांग विवाह पण्णत्ति (भगवती) मूत्र पनरहवा शतक
SR No.600259
Book TitleAgam 05 Ang 05 Bhagvati Vyakhya Prajnapti Sutra Sthanakvasi
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAmolakrushi Maharaj
PublisherRaja Bahaddurlal Sukhdevsahayji Jwalaprasadji Johari
Publication Year
Total Pages3132
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript & agam_bhagwati
File Size50 MB
JainGPT.orgInstagram
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy