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शब्दार्थ रा० राजा भ० होगा तं इससे उ० उदार तु तुमने दे० देवी सु० सम्म दि० देखा आ० आरोग्य तु० (तुष्ट जा० यावत् मं० मंगलकारी तु० तुमने दे० देवी सु०स्वप्न दि०देखा त्ति ऐसा करके प०प्रभावती दे (देवीको इ० इष्ट जा० यावत् व वाणी से दो० दूसरी वक्त त० तीसरी वक्त अ० समजाइ ॥ १५ ॥ त तत्र सा० वह प० प्रभावती दे० देवी व० बल र० राजा की अं० पास से ए० इस अर्थ को सो० सुनकर (नि० अवधारकर ह० हृष्ट तु तुष्ट क० करतल जा० यावत् ए० ऐसा ६० बोली ए० ऐते दे० देवानुप्रिय त० तैसे दे० देवानुप्रिय अ यथातथ्य अ० असंदिग्य इ० इच्छित पर विशेष इच्छित मे० वह ज० जैसे तुम्हे देवी! सुविदिट्ठे त्तिकद्दु, पभावती देवीं ताहिं इट्ठाहिं जाव वग्गूहिं जाव दोच्चंपि तच्छंपि अणुबूहइ ॥ १५ ॥ एणं सा पभावई देवी बलस्स रण्णो अंतिए एघमट्टं सोच्चा णिसम्म हट्ट करयल जाव एवं क्यासी एवमेयं देवाणुप्पिया ! तहमेयं देवाणुविया ! अवितहमेयं देवापिया ! असंदिद्धमेयं देवाणुप्पिया ! इच्छियमेयं पडिच्छियमेयं, इच्छियपडिच्छियमेयं देवाणुप्पिया ! सेजहेयं तुम्हे बदह तिकटु तंसुमिणं बाल्यावस्था में से यौवनावस्था में आयेगा तब शूरवीर, पराक्रमैवंत, और बहुत सेना वाहनादिवाले राजाओंका भी राजा होगा. इससे अहो देवी! तुमने कल्याणकारी मंगलकारी स्वप्न देखा है. यों कहकर इंष्टकारी यावत् बल्गु शब्दों से दो वार तीन बार प्रभावती देवी को बोलाई || १५ || बल राजा की पास से ऐसा
सूत्र
भावार्थ
अनुवादक-वालग्रहचारी मुनि श्री अमोलक ऋपिजी
* प्रकाशक- राजवहादुर लाला सुखदेवसहायजी ज्वालाप्रसादजी *
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