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एगे वालुयाए, एगे धूमाए, एगे अहे सत्तमाए होजा, २ ॥ अहवा एगे रयणप्पभाए, एगे वालुयप्पभाए, एगे तमाए एगे अहे सत्तमाए होज्जा १ ॥ १६ ॥ अहवा एगे रयणप्पभाए, एगे पंकप्पभाए, एगे धूमाए, एगे तमाए होज्जा, अहवा एगे रयणप्प- १२८७ भाए एगे पंकप्पभाए एगे धूमाए एगे अहेसत्तमाए होज्जा । अहवा एगे रयणप्पभाए, एगे पंकाए, एगे तमाए एगे अहसत्तमाए होज्जा १, ॥ १९ ॥ अहवा एगे रयणप्पभाए एगे धूमाए एगे तमाए एगे अहे सत्तमाए होज्जा, एवं २० ॥ अहवा एगे
सक्करप्पभाए, एगे वालुप्पभाए, एगे पंकप्पभाए, एगे धूमप्पभाए होज्जा १ ॥ एवं भावार्थ:प्रभा में एक पंकप्रभा में एक धूमप्रभा में एक तम तम प्रभा में १९ एक रत्नप्रभा में एक पंकप्रभा में एक तमम
प्रभा में एक तम तम प्रभा में २० एक रत्नप्रभा में एक धमप्रभा में एक तम प्रभा में एक तम तम प्रभा में योंरत्नप्रभा में सब मीलकर २० भांगे हुए. अब शर्कर प्रभा के दश भांगे कहते हैं. १ एक शर्कर प्रभा में एक बालुप्रभा में एक पंकप्रभा में एक धूम्रप्रभा में २ एक शर्कर प्रभा में एक बालुप्रभा में एक पंकप्रभा में एक तमप्रभा में ३ एक शर्कर प्रभा में एक बालुप्रभा में एक पंकप्रभा में एक तमतम प्रभा में ४ एक शर्कर प्रभा में एक बालु प्रभा में एक धूमप्रभा में एक तम प्रभा में ५ एक शर्कर प्रभा में एक वालुप्रभा में एक धूमप्रभा में एक तम तम प्रभा में ६ एक शर्कर प्रभा में एक बालुप्रभा में एक तम प्रभा में एक तम तम
48808 पंचमांग विवाह पण्णत्ति (भगवती) सूत्र 8%80%
११ नववा शतक का बत्तीसवा उद्देशा g
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