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मुनि श्री अमोलक ऋषिजी +
भावार्थ
सक्करप्पभाए, एगे धूमाए एगे अहे सत्तमाए होज्जा २ । अहवा एगे रयणप्पभाए, एगे सकरप्पभाए, एगे तमाए, एगे अहे सत्तमाए होजा २ ॥ एवं १० ॥ अहवा एगे रयणप्पभाए, एगे वालुयप्पभाए एगे पंकप्पभाए एगे धूमप्पभाए होजाः अहवा एगे रयणप्पभाए, एगे वालुयप्पभाए, एगे पंकाए एगे तमाए होजा, अहवा एगे रयणप्पभाए, एगे वालुयाए, एगे पंकाए, एगे अहे सत्तमाए होज्जा ३ ॥ अहवा एगे
रयणप्पभाए, एगे वालुयाए. एगे धूमाए एगे तमाए होज्जा, अहवा एगे रयणप्पभाए, एक तम प्रभा में ७ एक रत्नप्रभा में एक शर्कर प्रभा में एक पंकप्रभा में एक तमतम प्रभा में ८ एक रत्न प्रभा में एक शर्कर प्रभा में एक धूम प्रभा में एक तम प्रभा में ९ एक रत्नप्रभा में एक शर्कर प्रभा में एक धूम् प्रभा में एक तम तम प्रभा में १० एक रत्नप्रभा में एक शर्कर प्रभा में एक तम प्रभा में एक तम तम प्रभा में ११ एक रत्नप्रभा में एक बालुप्रभा में एक पंकप्रभा में एक धूमप्रभा में १२ एक रत्नप्रभा में एक बालुप्रभा में एक पंकप्रभा एक तम प्रभा १३ एक रत्नप्रभा में एक बालु प्रभा में एक पंकप्रभा में एक तमतम प्रभा में १४ एक रत्नप्रभा में एक बालु प्रभा में एक धूम्रप्रभा में एक तम प्रभा में १५ एक रत्नप्रभा में एक वालुमभा में एक धूम्प्रभा में एक तम तम प्रभा में १६. एक रत्नप्रभा में एक बालुप्रभा में एक तम प्रभा में एक तम तम प्रभा में १७ एक रत्नप्रभा में एक पंकमभा में एक धूमप्रभा में एक तम प्रभा में १.८ एक रत्न
काशक-राजाबहादुर लाला सुरूदेव सहायजी ज्वालाप्रसादजी.