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भावार्थ
० अनुवादक-बालब्रह्मचारी मुनि श्री अमोलक ऋषिजी+
सकरप्पभाए एगे वालुयप्पभाए होज्जा, अहवा एगे रयागप्पभाए,एगे सक्करप्पभाए एगे पंकप्पभाए होजा, जाव अहवा एगे रयणप्पभाए एगे सक्करप्पभाए, एगे अहे सत्तमाए होजा अहवा एगे रयणप्पभाए एगे वालुयप्पभाए, एगे पंकप्पभाए होजा, अहवा एगे रयणप्पभाए, एगे नालुयप्पभाए, एगे धूमप्पभाए होजा; एवं जाव अहवा एगे रयणप्पभाए एगे वालुयाए, एगे अहे सत्तमाए होज्जा ॥ अहवा एगे रयणप्पभाए एगे
पंकप्पभाए एगे धूमप्पभाए होजा, जाव अहवा एगे रयणप्पभाए, एगे पंकप्पभाए शर्कर प्रभा दो बालु प्रभा एक शर्कर प्रभा दो पंक प्रभा में यावत् एक शर्कर प्रभा दो तमतम प्रभा यों पांच भांगे और दो शर्कर प्रभा एक बालु प्रभा यावत् दो शर्कर प्रभा में एक तम तम प्रभा में ऐसे शर्कर प्रभा की साथ द्विसंयोगी दश हुए. एक बालु प्रभा में दो पंक प्रभा में यावत् एक वालु प्रभा में दो तमतम प्रभा में यों चार और दो बालु प्रभा एक पंक प्रभा यावत् दो बालु प्रभा एक तम तम प्रभा यों बालु प्रमा आश्री द्विसंयोगी आठ भांगे हुए. एक पंक प्रभा दो धूम्र प्रभा यावत् एक पंक प्रभा दो तम तम प्रभा यों
तीन भांगे और दो पंक प्रभा एक धूम्र प्रभा यावत् दो पंक प्रभा एक तम तम प्रभा यों पंक प्रभा आश्री के द्विसंयोगी ६ भांगे हुए. एक धूम्र प्रभा दो तम प्रभा एक धूम्र प्रभा
एक तम प्रभा दो धूम्र प्रभा एक तम तम प्रभा यों धूम्र प्रभा के चार भांगे और एक तम प्रभा दो तम
* प्रकाशक-राजाबहादुर लाला मुखदेवसहायजी ज्वालाप्रसादजी *