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________________ पुढविकाइए तहेव जाव अंतं करेति एवं खलु अनो! काउलेस्से आउकाइए जाव अंतं करेति, एवं खलाते अज्जो। काउलेस्से वणस्सइकाइए जाव अंतं करेति, तए ण ते समणा निग्गया मागदियपुत्तस्स अणगारस्स द एबमाइक्खमाणस्स जाव एवं पखवेमाणस्स एवंमई नो संदहंति ३ एयम? असदहमाणा ३ जेणेव समणे भगवं महावीरे तेणेव उवागच्छति २ समर्ण भगवं महावीरं वदति नर्मसतिर एवं वयासी-एवं खलु भंते ! मागंदियपुत्ते अणगारे अम्ह एवमाइक्खति जाव परूवेति-एवं खलु अज्जों ! काउलेस्से पुढविकाइए जाप अंतं करेति, एवं खलु अज्जो ! काउलेस्से आउक्काइए जाव अतं करेति, एवं वणस्सइकाइएवि जाव अंतं करोति, सेकहमेयं भंते ! एवं?, अजोत्ति समणे भगवं महावीरे ते समणे निग्गंथे आमंतित्ता एवं वयासी-जण्णं अजो! मागंदियपुत्ते अणमारे तुज्झे एवं आइक्खति जाव परूवेति-एवं खलु अज्जो ! काउलेस्से पुढविकाइए जाव अंतं करेति, एवं स्वस्तु अजो! काउलेस्से आउकाइए जाव अंतं करेति, एवं खलु अजो! काउलेस्से वणस्सकाइएविजाय अंतं करेति, सच्चे णं एसमले अहंपिणं अलो! एकमाइक्वामि एवं खलु अज्जो ! कण्हलेसे पुढ० कण्हलेसहिंतो पुढविकाइएहिंतो जाव अंतं करेति एवं खलु मज्जो नील लेस्से पुढविका० जाव अंतं करेंति एवं काउलेस्सेवि जहा पुढविकाइए एवं आउकाइएवि एवं वणस्सइकाइएवि सच्चे णं एसमढे॥ सेवं भंते ! सेवं भंते ! त्ति समणा निग्गंथा समणं भगवं महा० ० नमं०२ जेणेच SEXY Jain Education Interational For Personal & Private Use Only wwwbar og
SR No.600226
Book TitleBhagwati sutram Part 03
Original Sutra AuthorAbhaydevsuri
Author
PublisherAgamoday Samiti
Publication Year1921
Total Pages654
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript & agam_bhagwati
File Size13 MB
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